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Delhi NCR News: सूरजमल विहार में सड़क निर्माण में पर्यावरण नियमों का उल्लंघन, पीडब्ल्यूडी को नोटिस जारी
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सड़क निर्माण के दौरान बिटुमिन और मलबे को पास की हरित पट्टी में डाडने का आरोप
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सूरजमल विहार के रोड नंबर 58ए के सड़क निर्माण में पर्यावरण नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और ठेकेदार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ईश्वर सिंह की पीठ ने आवेदक को निर्देश दिया गया है कि वे नोटिस की प्रतिलिपि प्रतिवादियों को दें और अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले सेवा का शपथपत्र दाखिल करें। मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी। मामला आवेदक आशीष जैन की याचिका से जुड़ा है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के दौरान बिटुमिन और मलबे को पास की हरित पट्टी में डाल दिया गया। इससे वर्षा जल का जमीन में रिसाव रुक गया और भू-जल पुनर्भरण प्रभावित हुआ। इसके अलावा, सड़क का एक बड़ा हिस्सा बिना बिटुमिन की परत बिछाए छोड़ दिया गया जिससे टूटी-फूटी सड़क के कारण वाहनों से धूल प्रदूषण की समस्या बढ़ गई। जैन ने अपनी शिकायत के समर्थन में फोटो भी प्रस्तुत किए और दावा किया कि कई विभागों में शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सूरजमल विहार के रोड नंबर 58ए के सड़क निर्माण में पर्यावरण नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और ठेकेदार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ईश्वर सिंह की पीठ ने आवेदक को निर्देश दिया गया है कि वे नोटिस की प्रतिलिपि प्रतिवादियों को दें और अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले सेवा का शपथपत्र दाखिल करें। मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी। मामला आवेदक आशीष जैन की याचिका से जुड़ा है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के दौरान बिटुमिन और मलबे को पास की हरित पट्टी में डाल दिया गया। इससे वर्षा जल का जमीन में रिसाव रुक गया और भू-जल पुनर्भरण प्रभावित हुआ। इसके अलावा, सड़क का एक बड़ा हिस्सा बिना बिटुमिन की परत बिछाए छोड़ दिया गया जिससे टूटी-फूटी सड़क के कारण वाहनों से धूल प्रदूषण की समस्या बढ़ गई। जैन ने अपनी शिकायत के समर्थन में फोटो भी प्रस्तुत किए और दावा किया कि कई विभागों में शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।