फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Vigilance Department sent case to Home Ministry for CBI investigation in Delhi fake medicine scam

Delhi Drug Scam: सतर्कता विभाग ने गृह मंत्रालय को लिखी चिट्ठी, सीबीआई जांच के लिए भेजा मामला

Thu, 28 Dec 2023 10:51 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 28 Dec 2023 10:51 PM IST
सार

शराब के बाद अब स्वास्थ्य विभाग में गड़बड़ी को लेकर दिल्ली सरकार के खिलाफ तलवार लटकती दिखाई दे रही है। सरकार ने गृह मंत्रालय से अस्पतालों में घटिया दवाओं की आपूर्ति की जांच सीबीआई को सौंपने का आग्रह किया है।

विज्ञापन
Vigilance Department sent case to Home Ministry for CBI investigation in Delhi fake medicine scam
गृह मंत्रालय - फोटो : फाइल

विस्तार

दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय ने गुरुवार को गृह मंत्रालय को पत्र लिखा। जिसमें सरकारी अस्पतालों में घटिया दवाओं की आपूर्ति की जांच सीबीआई को सौंपने का अनुरोध किया। दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने पिछले हफ्ते दवाओं की कथित आपूर्ति की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। जो गुणवत्ता मानक परीक्षणों में विफल रहा। 

विज्ञापन


दिल्ली विभाग के स्वास्थ्य विभाग के तहत केंद्रीय खरीद एजेंसी से सरकारी अस्पतालों में इस तरह की नकली दवाईओं की आपूर्ति की गई थी। राजनिवास के अनुसार कई रोगियों और बड़े पैमाने पर लोगों की शिकायतों के बाद इहबास, लोक नायक और दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल से नमूने एकत्र किए गए। ये तीनों अस्पतालों में लाखों रोगियों का उपचार चलता है।
विज्ञापन


राजनिवास के अनुसार दिल्ली सरकार के अस्पतालों में आपूर्ति की जा रही नकली और गैर-मानक दवाओं में फेफड़ों और यूटी संक्रमण के इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली महत्वपूर्ण जीवन रक्षक एंटीबायोटिक जिसमें सेफैलेक्सिन, फेफड़ों, जोड़ों और शरीर में सूजन को ठीक करने के लिए स्टेरॉयड डेक्सामेथासोन शामिल हैं। मिर्गी और मनोरोग की दवा लेवेतिरसेटम और उच्च रक्तचाप रोधी दवा एम्लोडेपिन शामिल है।

विज्ञापन
विज्ञापन

स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा वाले दवाईयों दी गई
उपराज्यपाल ने दिल्ली के मुख्य सचिव को कार्रवाई करने को निर्देशित किया है। इस मामले में उपराज्यपाल ने कहा है कि बजटीय संसाधन खर्च करके खरीदी गई ये दवाएं सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं और लोगों के जीवन को खतरे में डालने की क्षमता रखती हैं। प्रथम दृष्टया, सीपीए-डीएचएस, जीएनसीटीडी के अलावा अन्य राज्यों में स्थित आपूर्तिकर्ता, निर्माता और उन राज्यों में ड्रग कंट्रोलर इस पूरे अभ्यास में जुड़े हुए हैं।

यह कदम जब उठाया गया है जब दिल्ली सरकार के अस्पतालों में घटिया दवाओं की आपूर्ति के संबंध में मिली शिकायतों के आधार पर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभागके तहत ड्रग कंट्रोलर ने इन अस्पतालों से दवा के रैंडम नमूने एकत्रित किए। उन्हें मान्यताप्राप्त सरकारी और निजी प्रयोगशालाओं में भेजा गया था। मरीजों ने भी कहा था कि दवाएं बेअसर होती है।

उपराज्यपाल ने कहा है कि लैब की रिपोर्ट ड्रग कंट्रोलर और स्वास्थ्य विभाग द्वारा सतर्कता निदेशालय (डीओवी) को इस मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई थी। डीओवी ने परीक्षण रिपोर्टों के आधार पर पाया था कि 10 फीसदी से अधिक दवा/दवा के नमूने विफल हो गए। सतर्कता विभाग के अनुसार सरकारी प्रयोगशालाओं में भेजे गए 43 नमूनों में से 3 नमूने परीक्षण में विफल रहे। 12 रिपोर्ट अभी भी लंबित है। इसके अलावा, निजी प्रयोगशालाओं में भेजे गए अन्य 43 नमूनों में से 5 नमूने विफल रहे है।

एम्लोडिपाइन, लेवेतिरसेटम और पैंटोप्राजोल जैसी दवाएं सरकारी और निजी दोनों लैब में फेल हो गईं। इसी तरह सेफैलेक्सिन, डेक्सामेथासोन निजी प्रयोगशालाओं में विफल रहे। 11 सैंपल की रिपोर्ट चंडीगढ़ की सरकारी लैब में पेंडिंग है। परीक्षण रिपोर्ट से यह निष्कर्ष निकलता है कि जो दवाएं परीक्षण में विफल रही हैं वे मानक गुणवत्ता पर खरी नहीं उतरी है। विभाग को भी सैंपलिंग का दायरा बढ़ा कर ऐसी दवाओं का वितरण तुरंत बंद करना चाहिए। मकसद को जानने के लिए इस पूरे प्रकरण से पर्दा उठाने की जरूरत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed