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जीडीए वीसी ने पूछा, हम आपके हैं कौन?
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 22 Jan 2015 11:04 PM IST
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बिना सहमति लिए बेटी की शादी के कार्ड में शुभचिंतकों की जगह जीडीए वीसी का नाम डालना एक व्यक्ति के लिए महंगा साबित हुआ। जीडीए ने वीसी ने प्रेस रिलीज जारी कर इसे बेहद आपत्तिजनक और गलत बताया है।
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वीसी ने संबंधित व्यक्ति से कोई सरोकार नहीं होने और इस कृत्य पर कार्रवाई की करने बात कही है। दूसरी ओर उस व्यक्ति ने वीसी की नाराजगी की जानकारी होते ही बांटे गए कार्ड वापस लेने और नए कार्ड प्रिंट करवाकर बांटने की बात कही है।
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राजनगर निवासी राजेश शुक्ल की बेटी की शादी 9 मार्च को होनी है। राजेश शुक्ल ने शादी के निमंत्रण पत्र पर शुभचिंतक की जगह जीडीए वीसी, जीडीए के दो ओएसडी समेत कई अधिकारियों के नाम छपवाए थे।
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बृहस्पतिवार को जब यह निमंत्रण पत्र जीडीए वीसी के पास पहुंचा तो शुभचिंतक की जगह अपना देख वह नाराज हो गए। उन्होंने जानकारी जुटाई तो पता चला बिना पूछे उनका नाम कार्ड में डाला गया है।
इस संबंध में जीडीए वीसी संतोष यादव ने कहा कि बिना किसी सरोकार और इजाजत के मेरे नाम का निमंत्रण कार्ड में इस्तेमाल करना आपत्तिजनक और गलत है।
राजेश शुक्ल नामक व्यक्ति से मेरा कोई संबंध नहीं है। न ही उनसे मैंने कोई कार्ड बंटवाने के लिए मांगे थे। इस कृत्य के खिलाफ इनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में राजेश शुक्ल ने कहा कि इन कार्डों की प्रिंटिंग से पहले जीडीए अधिकारियों को प्रूफ पढ़वाया था। हालांकि जीडीए वीसी को प्रिंटिंग से पूर्व कार्ड का प्रूफ नहीं दिखा पाया।
जीडीए वीसी से हुई मुलाकात में उन्होंने 120 कार्ड अपने जान-पहचान वालों को देने के लिए मुझसे मांगे थे। उनके नाराजगी जताने के बाद बांटे गए सभी छह कार्ड वापस मंगा लिए हैं। नए कार्ड शुक्रवार तक छप जाएंगे, अब उन्हें ही बांटा जाएगा।