लैपटॉप और मोबाइल खोलेंगे वर्षा हत्याकांड के राज
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गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी में हुए वर्षा हत्याकांड की जांच फिर से अदालत के आदेश पर शुरू हो गई है। कोर्ट ने फाइनल रिपोर्ट (एफआर) को वापस भेजते हुए फिर से जांच कर मामले का खुलासा करने का आदेश दिया है।
अब पुलिस ने चोरी गए लैपटॉप और मोबाइल के जरिये खुलासे की योजना बनाई है। वर्षा के पति प्रोफेसर नागेंद्र ने कुछ लोगों पर संदेह भी जताया है। पुलिस उन पर भी नजर रख रही है।
करीब तीन साल पहले हुए वर्षा हत्याकांड में पुलिस ने काफी जांच पड़ताल की, लेकिन जब कोई भी सुराग नहीं लगा तो क्लोजर रिपोर्ट लगाकर अदालत में भेज दी। इसका प्रोफेसर नागेंद्र सिंह ने अदालत में विरोध किया था।
सीजेएम ने मई 2012 को क्लोजर रिपोर्ट खारिज करके जांच आगे बढ़ाने का आदेश दिया। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो नागेंद्र सिंह ने हाईकोर्ट से न्याय की गुहार लगाई। हाईकोर्ट ने 13 सितंबर 2013 में पुलिस को दोबारा जांच शुरू करने का आदेश दिया। अब पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कासना पुलिस के जांच अधिकारी आरके यादव प्रकरण की जांच कर रहे हैं। उन्होंनेे बताया कि एक बार फिर सर्विलांस का सहारा लेना होगा।
2011 में गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी में हुई थी हत्या
इसमें देखा जाएगा कि वर्षा के कमरे से गए लैपटॉप और मोबाइल को किसी ने इतने दिनों में प्रयोग तो नहीं किया है। अगर एक दिन भी मोबाइल या लैपटॉप का प्रयोग किया गया होगा तो उसे गिरफ्तार करने में आसानी हो जाएगी। वर्षा के पति ने कुछ लोगों पर संदेह जताया है। जल्द ही इस मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
5 जनवरी 2011 को गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी में स्थित स्टाफ कॉलोनी के फ्लैट में वर्षा की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। वर्षा प्रोफेसर नागेंद्र की पत्नी थी। नागेंद्र जीबीयू में पढ़ाते हैं। दोपहर में जब वारदात हुई थी, तब प्रोफेसर यूनिवर्सिटी में थे।
घटनास्थल से केवल लैपटॉप और मोबाइल गायब मिले थे।
पुलिस ने उस समय मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया था लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा था। जांच आगे न बढ़ने पर पुलिस ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी।