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वाड्रा-डीएलएफ लैंड डील में ढींगरा आयोग ने सरकार से फिर मांगी मोहलत
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Thu, 30 Jun 2016 10:27 PM IST
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रॉबर्ट वाड्रा
- फोटो : file photo
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हरियाणा में वाड्रा-डीएलएफ लैंड डील की जांच के लिए गठित जस्टिस एसएन ढींगरा आयोग ने सरकार से इस मामले की जांच पूरी करने के लिए फिर से समय मांग लिया है।
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सरकार पहले मामले में दो बार आयोग का कार्यकाल बढ़ा चुकी है। 30 जून तक का समय गत सात जून को मुख्य सचिव ने ढींगरा आयोग को दिया था। पूरी संभावना थी कि आयोग अपनी रिपोर्ट बृहस्पतिवार को सरकार के सुपुर्द कर देगा लेकिन एन वक्त पर आयोग की ओर से इसके लिए एक बार फिर समय मांगे जाने से सरकार की मुसीबतें बढ़ गई हैं।
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प्रकरण को लेकर विपक्ष पहले ही आक्रामक है। इस बीच पूर्व सीएम हुड्डा ने आयोग के गठन पर सवाल खड़ा किया है। कांग्रेस ने ट्रस्ट के नाम पर सरकार से फायदा लेने का आरोप भी आयोग पर मढ़ दिया है।
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हरियाणा की भाजपा सरकार ने पिछले साल मई माह के दौरान वाड्रा-डीएलएफ लैंड डील की जांच के लिए जस्टिस एसएन ढींगरा आयोग का गठन किया था।
दो बार आयोग का कार्यकाल बढ़ा चुकी है सरकार
सीएम खट्टर
- फोटो : ani
हालांकि आयोग को अपनी जांच रिपोर्ट छह माह के भीतर देनी थी लेकिन आयोग के आग्रह पर सरकार दो बार आयोग के कार्यकाल का विस्तार कर चुकी है। 30 जून को आयोग का कार्यकाल की समय सीमा समाप्त हो चुकी है।
यह दिया है तर्क
आयोग ने सरकार से छह सप्ताह का समय मांग कर यह तर्क दिया है कि इस प्रकरण में कुछ अधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं। ऐसा पाया गया है कि मामले में अधिकारियों ने भी फायदा लिया है। लिहाजा अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए और समय की जरूरत है।
अटकलों पर लगा विराम
सूत्रों के मुताबिक आयोग की ओर से जांच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। रिपोर्ट तैयार किए जाने से पहले आयोग की ओर से हरियाणा के मुख्य सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों व कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा चुकी है।
आयोग ने जांच के लिए करीब 26 अधिकारियों व कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। वीरवार को दिनभर इन अटकलों का दौर चलता रहा कि ढींगरा आयोग द्वारा किसी भी समय मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर को रिपोर्ट सौंपी जा सकती है, लेकिन आयोग की तरफ से दोबारा समय मांगे जाने के बाद सारी अटकलों पर विराम लग गया।
यह दिया है तर्क
आयोग ने सरकार से छह सप्ताह का समय मांग कर यह तर्क दिया है कि इस प्रकरण में कुछ अधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं। ऐसा पाया गया है कि मामले में अधिकारियों ने भी फायदा लिया है। लिहाजा अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए और समय की जरूरत है।
अटकलों पर लगा विराम
सूत्रों के मुताबिक आयोग की ओर से जांच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। रिपोर्ट तैयार किए जाने से पहले आयोग की ओर से हरियाणा के मुख्य सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों व कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा चुकी है।
आयोग ने जांच के लिए करीब 26 अधिकारियों व कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। वीरवार को दिनभर इन अटकलों का दौर चलता रहा कि ढींगरा आयोग द्वारा किसी भी समय मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर को रिपोर्ट सौंपी जा सकती है, लेकिन आयोग की तरफ से दोबारा समय मांगे जाने के बाद सारी अटकलों पर विराम लग गया।