G-20 Summit: अमेरिकी राष्ट्रपति को बीस्ट कार भारत में चलाने के लिए लेनी होगी अनुमति, जानिए क्या है वजह
केंद्रीय गृहमंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार ने जी-20 सम्मेलन में आने वाले विदेशी मेहमानों के लिए 75 मर्सिडीज, ऑडी-ए- 7 और एस्टन मार्टिन कारें खरीदी हैं। ये कारें दिल्ली आ गई हैं। इन्हें विदेशी मेहमानों के रूट के लिए की जा रही रिहर्सल में शामिल किया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति को अपनी 10 करोड़ रुपये की सात टन वजन वाली बीस्ट कार को भारत में चलाने के लिए अनुमति लेनी होगी। बीस्ट कार लेफ्ट-हैंड ड्राइव वाली है, जबकि भारत में राइट-हैंड ड्राइव वाली कार ही चलाने की अनुमति हैं। भारत सरकार ने भी विदेशी मेहमानों के लिए एलएचडी वाली 75 बुलेटप्रूफ लग्जरी कारें खरीदी हैं। इन कारों को विदेशी मेहमानों के लिए कारकेड की जा रही फुल ड्रेस रिहर्सल में भी शामिल किया गया है। भारत सरकार ने पहली बार एलएचडी वाली कारें खरीदी है और देश में पहली बार चलेंगी।
केंद्रीय गृहमंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार ने जी-20 सम्मेलन में आने वाले विदेशी मेहमानों के लिए 75 मर्सिडीज, ऑडी-ए- 7 और एस्टन मार्टिन कारें खरीदी हैं। ये कारें दिल्ली आ गई हैं। इन्हें विदेशी मेहमानों के रूट के लिए की जा रही रिहर्सल में शामिल किया गया है। भारत में पहली बार ये कारें मंगाई गई हैं। इन कारों को बीएसएफ व सीआरपीएफ के ड्राइवर चलाएंगे। इन बीएसएफ व सीआरपीएफ के ड्राइवरों को इन कारों को चलाने के लिए एक महीने की विशेष ट्रेनिंग दी गई है। इनको ट्रेनिंग देने के लिए विदेशी ड्राइवर भारत बुलाए गए थे।
भारत में एलएचडी कारें चलने की अनुमति बिल्कुल नहीं हैं। मोटर वाहन अधिनियम में साफ तौर पर कहा गया है कि देश में कोई भी व्यक्ति बाएं हाथ से चलने वाला वाहन खरीद, पंजीकरण या चला नहीं सकता है। मोटर वाहन अधिनियम 1939 की धारा 180 कहती हैकि कोई भी व्यक्ति बाएं हाथ के स्टीयरिंग नियंत्रण वाले किसी भी मोटर वाहन को किसी भी सार्वजनिक स्थान पर नहीं चलाएगा या चलाने की अनुमति नहीं देगा।
भारत दोनों कारें चलने वाला पहला देश बनेगा
दुनिया में ऐसा कोई देश नहीं है जो एक ही समय में एलएचडी और आरएचडी दोनों कारों की अनुमति देता हो। ऐसे देश में जहां सभी वाहन दाएं हाथ से चलाए जाते हैं, बाएं हाथ से चलने वाला वाहन न सिर्फ चालक के लिए दृश्यता संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है। मगर अब भारत में दोनों तरह की कारें चलेंगी। ऐसे में भारत दोनों तरह की कारें चलाने वाला पहला देश बन जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि भारत सरकार दोनों तरह की कारों को चलने की अनुमति देने के लिए जल्द ही नोटिफिकेशन जारी कर सकती है।
एसीपी स्तर का अधिकारी एस्कॉर्ट करेंगे
31 विदेशी मेहमानों के लिए 31 रूट लगेंगे। होटल से प्रगति मैदान तक जाने के लिए विदेशी के लिए उनके काफिले को सहायक पुलिस आयुक्त(एसीपी) स्तर के अधिकारी लीड करेंगे। एसीपी विदेशी मेहमानों के काफिले को एस्कॉर्ट करते हुए प्रगति मैदान तक ले जाएंगे।
जी-20 के बाद पीएम व राष्ट्रपति के रूट में शामिल किया जाएगा
दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जी-20 के बाद इन एलएचडी कारों को राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के लिए काफिले में रखा जाएगा। ये भी कहा जा रहा है कि भविष्य में आने वाले विदेश मेहमानों के लिए भी इन लग्जरी कारों को रखा जाएगा।