सुनपेड़ मामले में हंगामें की भेंट चढ़ी दलितों की महापंचायत
सुनपेड़ मामले के विरोध में चावला कॉलोनी के पास स्थित रविदास मंदिर सभागार में मंगलवार को बुलाई गई दलितों की महापंचायत हंगामे की भेंट चढ़ गई।
विभिन्न संगठनों की भाषणबाजी के चलते कोई एजेंडा तय नहीं हो पाया। लोग अपने-अपने संगठन की बड़ाई करने में मशगूल रहे। बार-बार अनुशासन बनाए रखने की चर्चा होती रही।
लेकिन कोई सुनने को राजी नहीं था। आखिर में 51 सदस्यीय कमेटी गठित कर पंचायत खत्म हो गई। रविदास मंदिर के सभागार में दलितों की महापंचायत बुलाई गई।
इसमें फरीदाबाद के अतिरिक्त दिल्ली, पलवल और मेवात जिले से संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। सुबह 10:30 बजे शुरू हुई महापंचायत बगैर किसी नतीजे के तीन बजे खत्म हो गई।
दिल्ली तक पैदल मार्च का हुआ फैसला
इस दौरान लोग खुद को दलितों का सबसे बड़ा मसीहा बताते हुए संगठन की बड़ाई करने में लगे रहे। जिनको पांच मिनट में अपनी बात रखनी थी वह 15-20 मिनट तक भाषणबाजी करते रहे।
दिल्ली से आई खुद को आयकर अधिकारी बताने वाली प्रीता हरित ने सवर्णों पर जमकर कटाक्ष किया। इसके बाद भानू प्रताप ने प्रीता हरित पर टिप्पणी करनी शुरू कर दी।
फिर क्या था, हंगामा हो गया। करीब एक घंटे तक हंगामा होता रहा लेकिन पंचायत किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाई। अंत में 51 सदस्यीय कमेटी गठित कर दिल्ली तक पैदल मार्च करने का निर्णय लिया।