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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Upheld the law allowing senior citizens to evict their children from their property.

Delhi NCR News: वरिष्ठ नागरिकों को संपत्ति से बच्चों को बेदखल करने की अनुमति देने वाले कानून को बरकरार रखा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2026 08:00 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को उस कानून की वैधता को बरकरार रखा, जिसके तहत वृद्ध माता-पिता या वरिष्ठ नागरिक अपने बच्चों या कानूनी उत्तराधिकारियों को अपनी संपत्ति से बेदखल करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के पास आवेदन कर सकते हैं। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने कहा कि दिल्ली भरण-पोषण और कल्याण माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक नियम माता-पिता को भरण-पोषण न मिलने और दुर्व्यवहार के कारण होने वाली पीड़ा को कम करने के लिए राहत प्रदान करते हैं।

पीठ ने कहा कि यह प्रावधान भरण-पोषण और कल्याण माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक अधिनियम, 2007 (वरिष्ठ नागरिक अधिनियम) की धारा 22 और 32 से अपना अस्तित्व प्राप्त करता है और इसे अधिनियम के विरुद्ध घोषित नहीं किया जा सकता। धारा 22 राज्य सरकार को वरिष्ठ नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए उपाय निर्धारित करने का अधिकार देती है, जबकि धारा 32 उसे नियम बनाने की शक्ति प्रदान करती है। पीठ ने कहा, 2009 के नियमों के प्रावधानों पर याचिकाकर्ता का चुनौती विफल हो जाती है, जिसे खारिज किया जाता है। हाईकोर्ट का यह आदेश पूनम नामक एक महिला द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए दिया। उसने अपनी सास के पक्ष में दिल्ली के मंडल आयुक्त द्वारा पारित बेदखली आदेश को चुनौती दी थी।लपूनम ने तर्क दिया था कि वरिष्ठ नागरिक अधिनियम में बेदखली की कार्यवाही का स्पष्ट प्रावधान नहीं है और ये नियम राज्य सरकार की नियम-निर्माण शक्तियों से अधिक हैं। उसने यह भी दावा किया कि ये प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 का उल्लंघन करते हैं और घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम, 2005 के तहत एक महिला के साझा घर में निवास करने के अधिकार का उल्लंघन करते हैं। उसने कहा कि उसने 1996 में वरिष्ठ नागरिक के बेटे से शादी की थी और दंपति के दो बच्चे हैं। वैवाहिक कलह के बीच, उसने अपनी सास की संपत्ति में अपने निवास की सुरक्षा की मांग करते हुए घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत कार्यवाही शुरू की।
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