{"_id":"595532444f1c1b2a328b46e1","slug":"up-police-citizen-app-for-general-public-help","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिटीजन ऐप से तुरंत मिलेगी पुलिस की मदद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिटीजन ऐप से तुरंत मिलेगी पुलिस की मदद
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Thu, 29 Jun 2017 10:31 PM IST
विज्ञापन
up police
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब मुसीबत में फंसे व्यक्ति को पुलिस की मदद के लिए कॉल करने या मैसेज टाइप करने की आवश्यकता नहीं होगी। यूपी पुलिस के विशेष ऐप (सिटीजन ऐप) पर क्लिक करते ही पीड़ित व्यक्ति और मौके के कुछ फोटो, लोकेशन और मोबाइल नंबर एक मैसेज के साथ कंट्रोल रूम पर पहुंच जाएगा और पुलिस तुरंत उसकी मदद में जुट जाएगी। यह जानकारी एसपी देहात सुनीति ने राधा गोविंद कॉलेज ऑफ एजुकेशन में बृहस्पतिवार को डायल-100 योजना के अंतर्गत जिले के 80 पुलिसकर्मियों के लिए आयोजित कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर कही।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग के लिए तीन नए ऐप लॉन्च किए जाएंगे। इनमें सिटीजन ऐप भी शामिल हैं। ये ऐप संभवत अगले माह शुरू कर दिए जाएंगे। एसपी देहात सुनीति ने बताया कि क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) और डायल-100 के स्ट्रक्चर को जोड़ा जा रहा है। कोतवाली व थाने के मुंशियों को प्रशिक्षण के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है।
विज्ञापन
डायल-100 पर मिलने वाली सूचनाओं को जीडी, एनसीआर या एफआई में दर्ज किया जाएगा। अभी सूचना मिलने पर पीवीआर (डायल-100 वाहन) पर तैनात पुलिसकर्मी संबंधित मामले को थाने-कोतवाली के संज्ञान में लाकर छोड़ देते हैं। इसके बाद इस मामले में कार्रवाई होना या न होना थाने-कोतवाली पर निर्भर होता है, लेकिन अब हर मामले को दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
सिटीजन ऐप को कोई भी नागरिक अपने मोबाइल में डाउनलोड कर सकेगा। इसमें एक स्थान पर क्लिक करते ही कंट्रोल रूम को संदेश पहुंच जाएगा कि ऐप धारक किसी मुसीबत में है। इसके बाद संबंधित क्षेत्र की पीवीआर व थाना प्रभारी को सूचना देकर उसे तत्काल मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यशाला में डायल-100 के नोडल अफसर अनिल कुमार झा और शशांक चौहान ने जिले के 80 पुलिसकर्मियों को रेस्पॉन्स टाइम में और सुधार करने, जीपीएस को और अधिक प्रभावी बनाने, पुलिस स्टेशन मॉड्यूल, पेट्रोल मैनेजमेंट, बिजनेस इंटेलीजेंस, ह्यूमन रिसोर्सिंग मैनेजमेंट सिस्टम और ई-लर्निंग के बारे में जानकारी दी। डायल-100 सेवा के प्रभारी इंस्पेक्टर होम सिंह यादव ने बताया कि ट्रेनिंग के बाद जिले के सभी डायल-100 वाहन सीधे तौर पर थानों से कनेक्ट हो जाएंगे।
अगर कोई पीड़ित चोरी, लूट या अन्य किसी वारदात की सूचना 100 नंबर पर देता है तो डायल-100 की गाड़ी मौके पर पहुंचेगी। डायल-100 मामले की रिपोर्ट बनाकर संबंधित थाने तक पहुंचाएगी। इसकी जानकारी शासन स्तर तक जाएगी। इसके बाद थाना इंचार्ज को मामले की नियमानुसार एफआईआर, एनसीआर या जीडी में दाखिल करने की कार्रवाई करनी होगी। थाना इंचार्ज और पुलिस अधिकारियों के नंबर भी डायल-100 व शासन स्तर पर बने कंट्रोल रूम से कनेक्ट रहेंगे।
पुलिस अधिकारियों के लिए दो ऐप
सिटीजन ऐप के अलावा दो ऐप पुलिस अधिकारियों के लिए भी लॉन्च करने की तैयारी है। एक ऐप मेें थाना प्रभारी व उनके वरिष्ठ अधिकारी डायल-100 पर मिली शिकायतों पर की गई कार्रवाई व पीड़ित का विवरण कभी भी देख सकेंगे। वहीं दूसरे ऐप की मदद से पुलिस अधिकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की निगरानी कर सकेंगे और उनकी ड्यूटी भी ऐप के जरिये बदल सकेंगे।