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यूपी के प्रेमी जोड़े को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश
Fri, 18 Dec 2020 11:17 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Fri, 18 Dec 2020 11:17 AM IST
सार
- धर्म परिवर्तन के बिना शादी करना चाहता है युगल
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
उच्च न्यायालय ने अलग-अलग धर्म से संबंध रखने वाले उत्तर प्रदेश के एक प्रेमी जोड़े को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया है। प्रेमी युगल अपने धर्म बदले बगैर विशेष विवाह कानून के तहत शादी करना चाहता है लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में पारित धर्मांतरण संबंधी कानून की आड़ में प्रताड़ना के डर से दोनों भागकर दिल्ली आ गए और उच्च न्यायालय से सुरक्षा की मांग की।
न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा ने बुधवार को अपने आदेश में दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग को प्रेमी जोड़े को सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया है। प्रेमी युगल की ओर से न्यायालय को बताया गया कि 21 साल की हिंदू लड़की को शाहजहांपुर के एक कोचिंग सेंटर में 25 साल के मुस्लिम युवक से पहले दोस्ती और फिर प्यार हो गया। अब दोनों अपने धर्म बदले बगैर विशेष विवाह कानून के तहत शादी करना चाहते हैं।
हालांकि दोनों के माता-पिता और रिश्तेदारों ने शादी के फैसले का विरोध किया था। प्रेमी युगल के अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में यूपी गैर कानूनी धर्मांतरण रोकथाम अध्यादेश 2020 पारित किया है। इस कानून के पारित होने के बाद अलग-अलग धर्म में शादी करने वालों के खिलाफ हो रहे उत्पीड़न की खबरों के मद्देनजर वे अपने अपने माता-पिता के घर को छोड़ने के लिए मजबूर हुए।
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प्रेमी युगल की ओर से पेश अधिवक्ता ने युवती के माता-पिता और रिश्तेदारों पर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। अधिवक्ता ने कहा कि उनके मवक्किल उत्पीड़न के डर से 11 दिसंबर को यूपी से दिल्ली आ गए और एक गैर सरकारी संगठन से संपर्क किया। उन्होंने अदालत ने आग्रह किया कि उनके मुवक्किलों को दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग से सुरक्षा प्रदान करवाई जाए और उनके रहने की व्यवस्था करने को कहा जाए। अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए दिल्ली सरकार को प्रेमी युगल को सुरक्षित घर उपलब्ध कराने और सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
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न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा ने बुधवार को अपने आदेश में दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग को प्रेमी जोड़े को सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया है। प्रेमी युगल की ओर से न्यायालय को बताया गया कि 21 साल की हिंदू लड़की को शाहजहांपुर के एक कोचिंग सेंटर में 25 साल के मुस्लिम युवक से पहले दोस्ती और फिर प्यार हो गया। अब दोनों अपने धर्म बदले बगैर विशेष विवाह कानून के तहत शादी करना चाहते हैं।
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हालांकि दोनों के माता-पिता और रिश्तेदारों ने शादी के फैसले का विरोध किया था। प्रेमी युगल के अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में यूपी गैर कानूनी धर्मांतरण रोकथाम अध्यादेश 2020 पारित किया है। इस कानून के पारित होने के बाद अलग-अलग धर्म में शादी करने वालों के खिलाफ हो रहे उत्पीड़न की खबरों के मद्देनजर वे अपने अपने माता-पिता के घर को छोड़ने के लिए मजबूर हुए।
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प्रेमी युगल की ओर से पेश अधिवक्ता ने युवती के माता-पिता और रिश्तेदारों पर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। अधिवक्ता ने कहा कि उनके मवक्किल उत्पीड़न के डर से 11 दिसंबर को यूपी से दिल्ली आ गए और एक गैर सरकारी संगठन से संपर्क किया। उन्होंने अदालत ने आग्रह किया कि उनके मुवक्किलों को दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग से सुरक्षा प्रदान करवाई जाए और उनके रहने की व्यवस्था करने को कहा जाए। अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए दिल्ली सरकार को प्रेमी युगल को सुरक्षित घर उपलब्ध कराने और सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।