{"_id":"6884322253e45e784c0a704d","slug":"up-government-said-rahul-gandhi-made-the-comment-on-savarkar-to-spread-hatred-2025-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi: यूपी सरकार ने कहा- नफरत फैलाने के लिए की थी राहुल गांधी ने सावरकर पर टिप्पणी, यह अपराध की श्रेणी में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi: यूपी सरकार ने कहा- नफरत फैलाने के लिए की थी राहुल गांधी ने सावरकर पर टिप्पणी, यह अपराध की श्रेणी में
Sat, 26 Jul 2025 07:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 26 Jul 2025 07:11 AM IST
सार
यूपी सरकार ने कहा कि आरोपों से पूर्व नियोजित ढंग से जानबूझकर नफरत फैलाने का संकेत मिलता है। यह अपराध की श्रेणी में आता है।
विज्ञापन
राहुल गांधी
- फोटो : एक्स- INC
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश सरकार ने 2022 में भारत जोड़ो कार्यक्रम में वीर सावरकर पर विवादास्पद टिप्पणी के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ लखनऊ की अदालत से जारी समन का सुप्रीम कोर्ट में समर्थन किया। यूपी सरकार ने कहा कि आरोपों से पूर्व नियोजित ढंग से जानबूझकर नफरत फैलाने का संकेत मिलता है। यह अपराध की श्रेणी में आता है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में सरकार ने कहा, समन आदेश केस फाइल, बयानों और जांच रिपोर्ट की गहन पुनर्परीक्षा के बाद दिया गया। ये सभी तत्व विपक्ष के नेता पर लगे आरोपों का समर्थन करते हैं। सरकार ने कहा, मजिस्ट्रेट ने तथ्यों और साक्ष्यों पर उचित न्यायिक विवेक का इस्तेमाल किया और प्रथम दृष्टया आईपीसी की धारा 153-ए और 505 के तहत मामला निर्धारित किया।
विज्ञापन
राज्य सरकार ने यह भी कहा कि जब याचिकाकर्ता के पास धारा 397/399 के तहत वैधानिक उपाय पहले से मौजूद है तो दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। यूपी सरकार ने राहुल गांधी को किसी भी तरह की राहत देने से इन्कार वाले हाईकोर्ट के आदेश को न्यायोचित और कानूनी बताया। सरकार ने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप उचित नहीं है। 25 अप्रैल, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी।
विज्ञापन
राहुल के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर रोक बढ़ी
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 2022 में सावरकर के खिलाफ राहुल गांधी की कथित टिप्पणियों के लिए यूपी में दर्ज एक आपराधिक मामले में उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर लगाई गई रोक को बढ़ा दी। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने मामले में राहुल गांधी के दाखिल स्थगन पत्र पर गौर किया और मामले की सुनवाई चार सप्ताह बाद करने का फैसला किया। राज्य सरकार ने गांधी की याचिका का विरोध किया और इसे खारिज करने का अनुरोध किया।
- सरकार ने कहा कि वह शिकायतकर्ता वकील नृपेंद्र पांडे की इस दलील से सहमत है कि राहुल गांधी ने जो किया, वह समाज में नफरत और दुश्मनी फैलाने के इरादे से किया था।