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असिस्टेंट मैनेजर के सुसाइड केस में आया नया मोड़, सामने आया गाजियाबाद से जुड़ा बड़ा कनेक्शन
न्यूज डेस्क, अमर उजाल, नई दिल्ली
Updated Thu, 12 Jul 2018 08:02 PM IST
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assistant manager suicide
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उत्तर प्रदेश के शामली में बृहस्पतिवार को एक असिस्टेंट मैनेजर जनविजय सिंह ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने इस मामले की जांच में जनविजय की डायरी बरामद की है, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा है जिससे इस केस के तार गाजियाबाद तक जुड़ रहे हैं।
दरअसल जनविजय ने अपने सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार अपने बहनोई और पूर्व आईएएस विनोद पंवार को बताया है। विनोद पंवार ही वो शख्स हैं जिनके तार गाजियाबाद से जुड़े हैं। आईएएस विनोद पंवार और विवादों का पुराना नाता रहा है।
विनोद पंवार पूर्व आईएएस हैं और गाजियाबाद में रहते हैं। गाजियाबाद में तैनाती के दौरान वह कई विवादों से घिरे रहे थे। सिर्फ यही नहीं उन पर एक महिला कर्मचारी से मारपीट और छेड़छाड़ का आरोप भी लगा था।
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दरअसल जनविजय ने अपने सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार अपने बहनोई और पूर्व आईएएस विनोद पंवार को बताया है। विनोद पंवार ही वो शख्स हैं जिनके तार गाजियाबाद से जुड़े हैं। आईएएस विनोद पंवार और विवादों का पुराना नाता रहा है।
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विनोद पंवार पूर्व आईएएस हैं और गाजियाबाद में रहते हैं। गाजियाबाद में तैनाती के दौरान वह कई विवादों से घिरे रहे थे। सिर्फ यही नहीं उन पर एक महिला कर्मचारी से मारपीट और छेड़छाड़ का आरोप भी लगा था।
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assistant manager suicide
आपको बता दें कि बुधवार रात शुगर मिल ऊन के असिस्टेंट मैनेजर (केन) जनविजय सिंह (51) ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उसके पास से एक डायरी में सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार अपने बहनोई पूर्व आईएएस विनोद पंवार को ठहराया है।
नोट में आरोप लगाया है कि विनोद पंवार ने नोटबन्दी के दौरान 10 करोड़ रुपए बदलवाने का दबाव बनाया था। 50 लाख रुपए बदलाए भी थे, उसमें कुछ रकम रह गई थी। नोट में दुहाई गांव में उसकी 6 बीघा जमीन पर जबरन कब्जा करने और परिवार को परेशान करने का आरोप भी लगाया है।
जनविजय करीब 6 माह से ऊन शुगर मिल से अवकाश पर था। बुधवार रात करीब 7 बजे लाइसेंसी रिवॉल्वर से उसने खुद को गोली मार ली। वहीं जनविजय की पत्नी अंजू ने आदर्श मंडी थाना पर धारा 306 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। अपर पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि जनविजय का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
नोट में आरोप लगाया है कि विनोद पंवार ने नोटबन्दी के दौरान 10 करोड़ रुपए बदलवाने का दबाव बनाया था। 50 लाख रुपए बदलाए भी थे, उसमें कुछ रकम रह गई थी। नोट में दुहाई गांव में उसकी 6 बीघा जमीन पर जबरन कब्जा करने और परिवार को परेशान करने का आरोप भी लगाया है।
जनविजय करीब 6 माह से ऊन शुगर मिल से अवकाश पर था। बुधवार रात करीब 7 बजे लाइसेंसी रिवॉल्वर से उसने खुद को गोली मार ली। वहीं जनविजय की पत्नी अंजू ने आदर्श मंडी थाना पर धारा 306 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। अपर पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि जनविजय का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।