देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार डीयू प्रोफेसर गिलानी को नहीं मिली जमानत
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देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार डीयू के प्रोफेसर एसएआर गिलानी की जमानत याचिका पर शुक्रवार को भी बहस नहीं हो सकी। दिल्ली पुलिस के वकील ने कहा कि गिलानी पर गंभीर आरोप हैं लेकिन उन्हें जमानत याचिका की कॉपी नहीं मिली है।
इसलिये वह बहस नहीं कर सकते है। अदालत ने इस पर जांच अधिकारी को फटकार लगाई और जमानत याचिका पर सुनवाई के लिये शनिवार की तारीख तय कर दी। गिलानी की जमानत याचिका पर बुधवार व बृहस्पतिवार को भी सुनवाई नहीं हो सकी थी। गिलानी ने बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी।
प्रेस क्लब में देश विरोधी नारेबाजी के सिलसिले में पुलिस ने 16 फरवरी को गिलानी को गिरफ्तार किया था। गिलानी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
शनिवार को होगी अगली सुनवाई
पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दीपक गर्ग के समक्ष शुकवार को दिल्ली पुलिस के वकील ने कहा कि गिलानी ने प्रेस क्लब में जो भी कहा वह देश के खिलाफ था और यह बेहद गंभीर मामला है। यह सारा मामला वीडियो फुटेज पर आधारित है।
अभियोजन के वकील ने कहा कि उन्हें जमानत याचिका की कॉपी नहीं मिली है और उसे पढ़े बिना वह बहस नहीं कर सकते है। कोर्ट ने याचिका की कॉपी सरकारी वकील को देने का निर्देश जांच अधिकारी को दिया है।
पुलिस का कहना है कि प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाये गये। इस कार्यक्रम की बुकिंग प्रोफेसर अली जावेद ने करवाई थी और इसके संयोजक गिलानी थे। इस कार्यक्रम में काफी लोगों ने हिस्सा लिया था उनके बारे में पूछताछ कर गिरफ्तारी करनी है।
पूर्व प्रोफेसर गिलानी के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने देशद्रोह, भीड़ जमा करने व अपराधिक साजिश संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। गिलानी इससे पहले संसद हमला मामले में भी आरोपी रहा है लेकिन कोर्ट ने बरी कर दिया था।