{"_id":"7056e5e27d5a31f49f65d8352788a3ee","slug":"union-minister-vk-singh-hindu-village-has-mirpur-lap-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह ने मीरपुर हिंदू गांव को लिया गोद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह ने मीरपुर हिंदू गांव को लिया गोद
अमर उजाला, लोनी
Updated Thu, 13 Nov 2014 01:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत मीरपुर हिंदू गांव को गोद लेने पर ग्रामीणों ने हर्ष व्यक्त करते हुए केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री एवं सांसद वीके सिंह का आभार व्यक्त किया है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से विकास की उपेक्षा का दंश झेल रहे मीरपुर में भी अब पक्के रास्ते, स्कूल, कॉलेज बनेंगे और पानी- बिजली जैसी मूलभूत समस्याएं हल होंगी।
विज्ञापन
साथ ही उम्मीद जतायी है कि गांव में प्रस्तावित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट योजना को भी निरस्त किया जाएगा। ग्रामीणों ने सांसद के गांव पहुुंचने पर उनका अभिनंदन करने की घोषणा की है।
विज्ञापन
मीरपुर हिंदू गांव का इतिहास
ऐसा कहा जाता है कि करीब 250 वर्ष पूर्व मंडोला गांव के दो लोगों ने मीरपुर हिंदू गांव की स्थापना की थी। गांव का रकबा करीब 12 हजार बीघा है। शुरू में आबादी सीमित थी, लेकिन वर्तमान में करीब आठ हजार है।
यहां करीब ढाई हजार मतदाता हैं और कुल आबादी के करीब दस प्रतिशत मुसलमान हैं। गांव में एक प्राथमिक एवं एक माध्यमिक स्कूल है। 1998 के बाद अलीपुर बांध बनने पर गांव यमुना नदी में हर साल आने वाली बाढ़ से सुरक्षित हो गया।
इससे पूर्व बाढ़ के दौरान ग्रामीण सामान एवं पशुओं को लेकर सुरक्षित स्थान पर चले जाते थे और बाढ़ उतरने के करीब तीन माह बाद पानी सूखने पर फिर आते थे। बाढ़ के कारण न तो वह ठीक से खेती कर पाते थे और न ही घरों का निर्माण करा पाते थे।
मुख्य समस्याएं
1-जर्जर एवं कीचड़ भरे मुख्य एवं आम रास्ते
2-शिक्षा के लिए आठवीं के बाद स्कूल का न होना
3- करीब 35 वर्ष पुरानी जर्जर विद्युत लाइन एवं पोल
4-जल निकासी की समस्या
5-भूजल दूषित होने के कारण पेयजल समस्या
6-चिकित्सा के लिए सरकारी अस्पताल एवं डिस्पेंसरी न होना
7-यातायात सुविधा न होना
8-कच्चे तालाब
9-बारातघर का अभाव
10-सुरक्षा का अभाव
11-गांव की करीब 85 हजार वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर प्रस्तावित सॉलिड वेस्ट मेेनेजमेंट प्लांट
ग्रामीणों की मांग
1-बाबूराम त्यागी का कहना है कि गांव को दिल्ली-सहारनपुर एवं सोनिया विहार पुस्ते को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को सीसी रोड बनाएं जाए।
2-बीडीसी सदस्य गुलफाम सैफी का कहना है कि जल निकासी के लिए नाले एवं नालियों और तालाबों को भी पक्का बनाने की जरूरत है।
3-भगवाना जाटव का कहना है बिजली के पुराने तार बदलवाए जाएं। इसके साथ ही नियमित 14 घंटे विद्युत आपूर्ति कराई जाए।