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Delhi: शिक्षा राज्यमंत्री बोले- जरूरतों के अनुरूप तैयार की गई स्वास्थ्य सेवा, Covid से निपटने को सरकार तैयार

Mon, 26 Dec 2022 10:51 AM IST
भूपेन्द्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Mon, 26 Dec 2022 10:51 AM IST
सार

चीन समेत कई देशों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री सुभाष सरकार ने देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए बेहतर व्यवस्था कर रखी है।   

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Union Minister of State for Education Subhash Sarkar said government is ready to deal with Covid
भाजपा सांसद सुभाष सरकार (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

विस्तार

केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री सुभाष सरकार ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 से निपटने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह से तैयार है। वर्ष 2022 के मुकाबले आज स्थिति बेहतर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देशों के तहत भारतीय स्वास्थ्य सेवा को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाया गया है। वर्ष 2020 से लेकर नंवबर 2022 तक 3388 प्रशिक्षण प्रयोगशालाएं विकसित की हैं। ऑक्सीजन की किसी प्रकार की किल्लत नहीं होगी। पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन भी उपलब्ध है।
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शिक्षा राज्यमंत्री ने बताया कि 20 दिसंबर तक 102.55 करोड़ पहली खुराक, 95.12 करोड़ दूसरी खुराक, और 22.34 करोड़ एहतियाती खुराक, यानी कुल मिलाकर 220.01 करोड़ टीके लगाए जा चुके हैं। वैक्सीन मैत्री कार्यक्रम के तहत, भारत ने कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद से 150 से अधिक देशों को बहुत सस्ती कीमत पर कोविड-19 से संबंधित चिकित्सा और अन्य सहायता उपलब्ध कराई गई है। सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सभी के लिए सुलभ, सहज और किफायती बनाकर स्वास्थ्य सेवा में एक सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया है। सरकार का मकसद स्वास्थ्य सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना और स्वास्थ्य सेवा में सुधार लाना है। 
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मातृ और शिशु मृत्यु दर में आई कमी

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) प्रति लाख पर 130 थी। 2020 में यह घटकर प्रति लाख पर 97 रह गई है। वहीं, शिशु मृत्यु दर (आईएमआर), जो 2014 में प्रति 1000 जीवित जन्मों पर 39 थी। 2022 में यह घटकर 28 रह गई है। इसके अलावा 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर 2014 में 45 से घटकर 2020 में 32 हो गई। इसके अलावा सरकार ने लगभग 10.74 करोड़ गरीब और कमजोर परिवारों को प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवरेज प्रदान किया है। वहीं, 21.24 करोड़ को आयु आयुष्मान कार्डों की कुल संख्या 21.24 करोड़ है। अस्पतालों में भर्ती होने की कुल संख्या 4.22 करोड़ है। 
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छह एम्स को मंजूरी दी

वर्ष 2014 के बाद पीएमएसएसवाई के तहत उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, असम, झारखंड, गुजरात, तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर, बिहार, हरियाणा और तमिलनाडु में नए एम्स के लिए 16 प्रमुख परियोजनाएं शुरू की गई हैं। भारतीय हेल्थकेयर को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। 30 नवंबर तक कैबिनेट ने 20,944 करोड़ रुपये के फंड के साथ 16 नए एम्स के परिव्यय को मंजूरी दी है। इसके लिए 10,595 करोड़ रुपये का कोष जारी किया गया है।
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