स्काईवॉक के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री के हमलों का दिल्ली सरकार ने दिया जवाब
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स्काईवॉक के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री के हमलों का जवाब दिल्ली सरकार ने दिया। मीडिया में जारी बयान में कहा गया है कि दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी ने प्रोजेक्ट का खाका तैयार करने से लेकर इसको तैयार करने में अहम भूमिका अदा की। वहीं, नौकरशाही के अड़ंगे के बावजूद दिल्ली सरकार अपने 20 फीसदी हिस्से को मंजूरी दे रही है। दिल्ली सरकार हर कीमत पर 12 करोड़ रुपये खर्च का वहन करेगी।
दिल्ली सरकार का कहना है कि कॉमनवेल्थ गेम्स के मद्देनजर 2006-2007 में आईटीओ पर एक फ्लाईओवर व फुटओवर ब्रिज बनाने की योजना थी। लेकिन इसकी डिजाइन को दिल्ली अर्बन आर्ट कमीशन ने नामंजूर कर दिया। करीब सात साल बाद 2013-14 में दिल्ली सरकार की पीडब्ल्यूडी ने एक नया प्रस्ताव तैयार किया। इसमें सिर्फ एफओबी बनाने की योजना थी। 2015 में आप की सरकार बनने के बाद इंजीनियर इन चीफ ने पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन के सामने एक प्रजेंटेशन दिया। इस बैठक में सामूहिक रूप से तय किया गया कि एक प्रतियोगिता कराकर लोगों से स्काईवॉक की डिजाइन मंगवाई जाए।
डीयूएसी, पीडब्ल्यूडी, डीएसपीए के विशेषज्ञों की एक टीम ने पांच डिजाइन का चुनाव किया। सबसे बेहतर डिजाइन बनाने वाले को 2.5 लाख रुपये का इनाम दिया गया। दिल्ली सरकार 80 व 20 के अनुपात के अनुसार 54 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में से 12 करोड़ रुपये देने को तैयार थी। दिल्ली सरकार का कहना है कि बाद में तत्कालीन पीडब्ल्यूडी सचिव ने इस तरह के प्रोजेक्ट की जरूरत के बारे में सवाल खड़े कर दिए।
हालांकि, आपत्तियों को दरकिनार करते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता वाली व्यय वित्त समिति ने स्काईवॉक को मंजूर कर लिया। 12 करोड़ रुपये खर्च को मंजूरी देने के साथ उसे आवंटित भी कर दिया गया था। दिल्ली सरकार का मानना है कि नौकरशाहों की वजह से प्रोजेक्ट में देरी हुई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी ने खाका तैयार करने के साथ डिजाइन के चुनाव, डीपीआर व प्रोजेक्ट का निर्माण किया है।
'डीडीए के खर्च पर प्रोजेक्ट हो रहे तैयार'
पूरी ने बताया कि दिल्ली सरकार का हिस्सा डीडीए के खाते में डाल दिया गया है। उन्होंने खुशी जताई कि अब स्काईवॉक तैयार है। पैदल यात्री बिना आईटीओ के भारी ट्रैफिक के बीच से दौड़ लगाए आसानी से अपनी मंजिल तक सफर कर सकेंगे। साथ ही दावा भी किया कि किसी वजह से रुके पड़े सभी प्रोजेक्ट 2019 तक पूरे कर लिए जाएंगे।
कसा तंज : अरविंद केजरीवाल का नाम लिये बगैर हरदीप सिंह पुरी ने तंज कसा कि दिल्ली में कुछ लोग सिर्फ व्यवधान पैदा कर रहे हैं। लेकिन अब प्रोजेक्ट पूरा होने पर श्रेय लेने की होड़ लग गई है।
पैदल यात्रियों व साइकिल चालकों के लिए बनेगी योजना : बैजल
उपराज्यपाल अनिल बैजल ने बताया कि दिल्ली की सड़कें साइकिल चालकों व राहगीरों के लिए उपयुक्त नहीं है। ऐसे में डीडीए को सलाह दी गई है कि वह अगला एक्शन प्लान तैयार करते वक्त इस बात का खास ध्यान दें। इससे दिल्ली की भविष्य की बढ़ती आबादी और जरूरतों का पूरा किया जा सकेगा। बैजल के मुताबिक, स्काईवॉक बनकर तैयार है। इससे करीब 30 हजार लोगों को रोजाना फायदा होगा।