फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   union health minister writes to government hospital asking their rates

मोदी के मंत्री की इस एक चिट्ठी से महंगा हो सकता है सरकारी अस्पतालों में इलाज

Mon, 16 Oct 2017 04:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 16 Oct 2017 04:02 PM IST
विज्ञापन
union health minister writes to government hospital asking their rates

आने वाले दिनों में सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज महंगा हो सकता है। केंद्र सरकार राजधानी दिल्ली सहित देशभर के बड़े अस्पतालों में लंबे समय से चली आ रही कीमतों पर विचार कर रही है।

विज्ञापन


हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से एम्स सहित केंद्र के सभी अस्पतालों से इलाज की कीमतों के बारे में पूछा भी गया है। सूत्रों की मानें तो अस्पतालों में होने वाले एक्सरे, रक्त जांच, ओपीडी रजिस्ट्रेशन जैसे खर्चों में थोड़ा बहुत इजाफा हो सकता है।
विज्ञापन


बता दें कि दिल्ली एम्स में पिछले 20 वर्षों के दौरान किसी भी तरह के खर्चों में बढ़ोतरी नहीं हुई है। अभी भी एम्स में कई ऐसी जांच हैं, जिनके लिए मरीज को केवल 10 से 25 रुपये ही देने होते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या लिखा है पत्र में

union health minister writes to government hospital asking their rates
एम्स

वित्त मंत्रालय का हवाला देते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी से इस पर विचार मांगा है। अधिकारियों की मानें तो आने वाले दिनों में सरकार इलाज की कीमतों में वृद्धि कर सकती है।

क्या लिखा है पत्र में
स्वास्थ्य मंत्रालय ने पत्र में लिखा है कि अस्पताल के यूजर चाजर्स (इलाज राशि) की समीक्षा के लिए 14 मार्च, 11 अप्रैल, 5 मई और 4 अगस्त 2017 को पत्र भेजे गए हैं, जिनका जवाब अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। इसे गंभीरता से लेते हुए अतिशीघ्र भेजा जाए। बताया जा रहा है कि एम्स के अलावा यह पत्र चंडीगढ़ पीजीआई के साथ साथ कई बड़े सरकारी अस्पतालों को भेजा गया है।

आसान नहीं एम्स में कीमतें बढ़ाना
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एम्स में हर दिन 10 हजार से ज्यादा मरीज इलाज कराने आते हैं। इनमें से करीब 40 फीसदी मरीज ऐसे भी होते हैं, जिनके लिए तय राशि का भुगतान कर पाना भी मुश्किल है।

बीते दिनों एम्स की एक कमेटी ने भी इसी तरह का प्रस्ताव दिया था, जिसमें कहा गया था कि आर्थिक आधार पर इलाज की कीमतें तय करना एम्स के लिए मुश्किल है। बताया जा रहा है कि इससे पहले 1996 में एम्स में इलाज की कीमतों को लेकर समीक्षा की गई थी। इस वक्त एम्स में ज्यादातर मेडिकल टेस्ट 500 रुपये के भीतर किए जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed