आम बजट 2020: विशेषज्ञ बोले, आयकर छूट तो बस आंखों का धोखा
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आम बजट 2020-21 में आयकर दाताओं को दी गई छूट को विशेषज्ञों ने बस आंखों का धोखा बताया है। विशेषज्ञों की मानें तो टैक्स स्लैब की संख्या बढ़ाने से करदाताओं में भ्रम होगा। पहले 5-5 लाख रुपये के अंतर पर टैक्स स्लैब थे, जिन्हें अब ढाई लाख कर दिया गया है।
नए टैक्स स्लैब का लाभ उठाने के लिए लोगों को पुराने टैक्स स्लैब के तहत मिलने वाली एलआईसी और अन्य सेविंग की छूट से भी हाथ धोना पड़ेगा। विशेषज्ञों ने स्लैब बढ़ाने को चुनावी एजेंडा बताया है।
आयकर विशेषज्ञ सीए अश्विनी गौतम का कहना है कि 2.5 लाख तक शून्य, 2.5-05 लाख तक 5 प्रतिशत, 05-10 लाख तक 20 प्रतिशत और 10 लाख से ज्यादा की आमदनी पर 30 प्रतिशत कर लिया जा रहा है।
नए स्लैब के तहत लोगों से 5-7.5 लाख तक की कमाई पर 10 प्रतिशत, 7.5-10 लाख तक 15 प्रतिशत, 10-12.5 लाख तक 20 प्रतिशत, 12.5-15 लाख तक 25 प्रतिशत और 15 लाख से ज्यादा की आमदनी पर 30 प्रतिशत कर वसूलने का ऐलान किया गया है। 2.5-05 लाख स्लैब वालों से 5 प्रतिशत की दर से कर लिया जा रहा है।
इस स्लैब में उन पर 12.5 हजार रुपये का अधिकतम कर बनता है, लेकिन 80टीटीए नियम के तहत उन्हें छूट भी मिल जाती है। इसलिए पहले स्लैब के तहत भी 5 लाख तक की कमाई वाले लोगों को शून्य टैक्स ही देना पड़ रहा था।
नए टैक्स स्लैब के तहत भी शून्य से 05 लाख तक की आय वाले लोगों को टैक्स के दायरे से बाहर रखने की बात कही गई है। इससे मध्यम वर्ग के परिवारों को कोई खास लाभ नहीं होगा। 5 लाख कमाने वाले लोगों के लिए तो नया बजट महज आंखों के धोखे जैसा है।
आयकर विशेषज्ञ मनोज गुप्ता का कहना है कि आयकर में लोगों को दी गई छूट से 10 लाख से ज्यादा की आमदनी वालों को थोड़ा फायदा होगा। उनसे पहले 30 प्रतिशत की दर से टैक्स वसूला जाता था। 10 से 15 लाख के बीच में दो स्लैब बनने से करदाताओं को थोड़ा लाभ होगा।
नए टैक्स स्लैब का लाभ उठाने के लिए लोगों को एलआईसी पर डेढ़ लाख रुपये अधिकतम लाभ और मेडिक्लेम पॉलिसी पर छूट समेत अन्य छूट के विकल्पों का लाभ नहीं मिलेगा। इससे लोगों को नए बजट से कुछ खास फायदा नहीं होगा।
लोगों को उम्मीद थी कि बजट में लांग टर्म कैपिटल गेन को लेकर राहत दी जाएगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इससे शेयर बाजार पर असर पड़ेगा और लोग इससे दूर होंगे।