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अनधिकृत धार्मिक ढांचों को फिर से करें सत्यापन : हाईकोर्ट

Fri, 13 May 2016 01:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 13 May 2016 01:03 PM IST
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unauthorized religious structures should be verified again in delhi high court

हाईकोर्ट ने अनधिकृत धार्मिक ढांचों के संबंध में गठित कमेटी को चांदनी चौक क्षेत्र में बनाई गई अनधिकृत धार्मिक ढांचों की सूची का नए सिरे से सत्यापन करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि यह भी बताया जाए कि शीशगंज गुरुद्वारे के बाहर फुटपाथ पर बने प्याऊ को किस आधार पर अनधिकृत निर्माण की श्रेणी में बताया गया है।

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इतना ही नहीं अदालत ने सरकार को एक अधिसूचना जारी कर गैर मोटर वाहन श्रेणी के वाहनों के लिए बने रास्ते में मोटर वाहनों के प्रवेश पर जुर्माने का प्रावधान करने को कहा है। न्यायमूर्ति एस.मुरलीधर और न्यायमूर्ति विभु बाखरू की खंडपीठ चांदनी चौक स्थित गुरुद्वारा शीश गंज साहिब के पास पानी के प्याऊ को तोड़ने के बाद पुन: बनाने व चांदनी चौक सौंदर्यीकरण याचिका पर सुनवाई कर ही है।

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फिलहाल अदालत ने उस तर्क को खारिज कर दिया कि गर्मी के कारण प्याऊ को फिलहाल शुरू करने की इजाजत दी जाए। तर्क रखा गया कि आसपास कहीं भी निशुल्क पानी की व्यवस्था नहीं है और लोग गर्मी से परेशान है।

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गौरतलब है कि हाल ही में अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत प्याऊ को तोड़ दिया गया था लेकिन गुरुद्वारा कमेटी सदस्यों ने संगतों के सहयोग से रातोंरात पुन: निर्माण कर लिया था। इस पर अदालत ने कमेटी अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके व महासचिव मंजिंद्र सिंह सिरसा के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया था।



गैर मोटर वाहन लेन के लिए अधिसूचना का निर्देश
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि एसएम मुखर्जी मार्ग, लोधी रोड व चांदनी चौक में गैर मोटर वाहनों के लिए बनाई जा रही लेन में अनधिकृत निर्माण व मलबे को हटाया जा रहा है। अदालत ने दिल्ली सरकार को अधिसूचना जारी कर इस लेन में अन्य वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए जुर्माने का प्रावधान करने का निर्देश दिया है। इतना ही नहीं अदालत ने सम विषम के दौरान यातायात को सुचारु रूप से चलाने के लिए सिविल डिफेंस की सेवा के समान मार्शल नियुक्त करने का भी सुझाव दिया है।

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