14 दिन की हिरासत में भेजे गए खालिद, अनिर्बन
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जेएनयू कैंपस में राष्ट्रविरोधी नारेबाजी विवाद के सिलसिले में गिरफ्तार छात्र उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य को स्पेशल कोर्ट ने मंगलवार को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
पुलिस ने एक दिन के रिमांड के बाद दोनों आरोपियों को स्पेशल सेल के दफ्तर में बनाई गई स्पेशल कोर्ट में पेश किया था। देशद्रोह के मामले में आरोपी छात्रों उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य ने 23 फरवरी की रात पुलिस के समक्ष सरेंडर किया था, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर तीन दिन का रिमांड लिया था। पुलिस ने जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार का एक दिन का रिमांड लिया था। इन तीनों आरोपियों से पुलिस ने आमने सामने पूछताछ की थी।
पुलिस ने दावा किया है कि पूछताछ में तीनों आरोपियों ने 22 ऐसे नामों का खुलासा किया है जो नौ फरवरी के कार्यक्रम के दौरान जेएनयू कैंपस में मौजूद थे। जेएनयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार का रिमांड मांगते हुये पुलिस ने कहा कि मामला पाकिस्तान के समर्थन व कश्मीर की आजादी के नारों से जुड़ा है।
वसंत कुंज थाने में दर्ज है मुकदमा
कन्हैया के संबंध किसी आतंकी संगठन से तो नहीं है पुलिस इसकी जांच करना चाहती थी। पूर्व पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने जाते जाते केस की जांच दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल को सौंप दी थी।
जेएनयू कैंपस में राष्ट्र विरोधी नारेबाजी के आरोप में वसंत कुंज थाने में मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने कन्हैया कुमार, उमर खालिद, अनिर्बन भट्टाचार्य को अब तक गिरफ्तार किया है। जेएनयू के अन्य छात्र आशुतोष कुमार ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था लेकिन पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया।
हाईकोर्ट में याचिका दायर कर खालिद व भट्टाचार्य ने उन्हें गिरफ्तारी से संरक्षण देने का आग्रह किया था। हालांकि इस याचिका को हाईकोर्ट ने लंबित रखा था लेकिन दोनों छात्रों ने 23 फरवरी की रात पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को 12 फरवरी को गिरफ्तार किया था।
पुलिस का आरोप है कि संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की बरसी के मौके पर जेएनयू कैंपस में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था और इस दौरान राष्ट्र विरोधी नारे लगाये थे। उस समय यह छात्र आरोपी भी वहां पर मौजूद थे।