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उमर-अनिर्बन की भी जमानत, पर नहीं छोड़ सकते शहर
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 18 Mar 2016 06:13 PM IST
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उमर खालिद
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जेएनयू में 9 फरवरी को अफजल गुरु की बरसी को शहादत दिवस के रूप में मनाने को लेकर और देशद्रोह के नारे लगाने के लिए गिरफ्तार किए गए उमर खालिद और अनिर्बन भट्टाचार्य को आज अदालत ने 6 महीने की अंतरिम जमानत दे दी है।
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पटियाला हाउस कोर्ट ने दोनों को 25-25 हजार के बॉन्ड भरने का आदेश दिया है जिसके बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया जाएगा। इसके साथ ही कोर्ट ने यह शर्त भी रखी है कि दोनों शहर नहीं छोड़ सकते हैं और अपनी गतिविधियों के बारे में पुलिस को अवगत कराते रहना होगा।
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दोनों छात्रों के वकील ने कोर्ट के सामने ये दलील रखी कि जब इसी तरह के मामले में कन्हैया कुमार को जमानत दी जा सकती है तो उन्हें भी जमानत मिलनी चाहिए।
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शाम तक होंगे रिहा
जेएनयू
- फोटो : ब्यूरो
जानकारी के अनुसार देशद्रोह के आरोपी दोनों जेएनयू छात्र उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य आज शाम तक रिहा हो सकते हैं। बता दें कि इन दोनों ने कोर्ट के सामने ये भी कहा कि इन दोनों ने देशद्रोही नारे नहीं लगाए थे।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि दोनों ही आरोपी उच्चशिक्षित हैं और इनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी विवादित नहीं है, जिसके आधार पर कोर्ट इनकी जमानत याचिका स्वीकार करती है।
मालूम हो कि दोनों को जेएनयू में आयोजित किए गए 9 फरवरी के कार्यक्रम के लिए गिरफ्तार किया गया था। इसी कार्यक्रम के लिए जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को भी देशद्रोह का आरोप लगाकर गिरफ्तार किया गया था जिन्हें बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने 6 महीने की सशर्त अंतरिम जमानत दे दी।
उमर और अनिर्बन को इस कार्यक्रम का मुख्य आयोजक होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी से पहले कई दिनों तक ये दोनों गायब रहे फिर करीब तीन दिन तक ये दोनों जेएनयू कैंपस के अंदर रहे और पुलिस बाहर रहकर इनकी गिरफ्तारी का इंतजार करती रही और फिर दोनों ने आत्मसमर्पण किया जिसके बाद से ये जेल में हैं।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि दोनों ही आरोपी उच्चशिक्षित हैं और इनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी विवादित नहीं है, जिसके आधार पर कोर्ट इनकी जमानत याचिका स्वीकार करती है।
मालूम हो कि दोनों को जेएनयू में आयोजित किए गए 9 फरवरी के कार्यक्रम के लिए गिरफ्तार किया गया था। इसी कार्यक्रम के लिए जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को भी देशद्रोह का आरोप लगाकर गिरफ्तार किया गया था जिन्हें बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने 6 महीने की सशर्त अंतरिम जमानत दे दी।
उमर और अनिर्बन को इस कार्यक्रम का मुख्य आयोजक होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी से पहले कई दिनों तक ये दोनों गायब रहे फिर करीब तीन दिन तक ये दोनों जेएनयू कैंपस के अंदर रहे और पुलिस बाहर रहकर इनकी गिरफ्तारी का इंतजार करती रही और फिर दोनों ने आत्मसमर्पण किया जिसके बाद से ये जेल में हैं।