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छिन सकते हैं आपके फार्म हाउस!
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Wed, 09 Apr 2014 02:19 AM IST
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नोएडा में फॉर्म हाउस आवंटियों को प्राधिकरण की समिति के समक्ष पेश होकर दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए दो तिथियां और तय कर दी गई हैं।
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आवंटी सात और 11 अप्रैल को भी प्राधिकरण में दस्तावेज जमा करवा सकते हैं। समिति उन दस्तावेजों की जांच कर आवंटन पर अंतिम मुहर लगाएगी। प्राधिकरण ने सभी फॉर्म हाउस आवंटियों को नोटिस जारी कर पेश होने के लिए अलग-अलग तिथियां तय कर दी थीं।
आखिरी तिथि चार अप्रैल तय की गई, मगर लगभग आधे आवंटियों की तरफ से न तो कोई पेश हुआ और न ही कोई जवाब दिया गया। अलबत्ता कुछ ऐसे आवंटी जरूर सामने आए, जिन्होंने इन फॉर्म हाउसों को रीसेल पर खरीद लिया है। यानी मूल आवंटी से दूसरे को ट्रांसफर हो चुके हैं।
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रीसेल में खरीदने वाले प्राधिकरण की जांच को स्वीकारने को तैयार नहीं है, जबकि प्राधिकरण का कहना है कि जो शर्तें मूल आवंटी पर लागू होती हैं, वे सभी शर्तें ट्रांसफर होने पर नए आवंटी पर भी लागू होती हैं।
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कुछ ऐसे आवंटी भी हैं जो यह कहकर दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवा रहे कि लोकायुक्त से जांच पूरी हो जाने के बाद प्राधिकरण को जांच करने की जरूरत नहीं है। कुछ आवंटी विदेशों में होने के कारण जवाब नहीं दे पा रहे। प्राधिकरण ऐसे आवंटियों को फिर से सूचना पहुंचाकर अगली दो तिथियों पर आने को कहेगा।
हालांकि यह प्राधिकरण की तरफ से आखिरी मौका भी हो सकता है। इसके बाद आवंटियों के दस्तावेज जमा नहीं किए जाएंगे, बल्कि कार्रवाई की जा सकती है।
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गौरतलब है कि प्राधिकरण ने यमुना किनारे फॉर्म हाउस योजना 2008 व 2010 में निकाली थी। यमुना किनारे बने बांध से एक्सप्रेसवे की तरफ स्थित खेतिहार जमीन को लेकर कुल 152 फॉर्म हाउस आवंटित किए गए थे। उस समय करीब 3300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की कीमत थी।
आवंटन प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगने के बाद इसकी जांच लोकायुक्त से कराई गई। लंबी जांच-पड़ताल के बाद लोकायुक्त ने क्लीन चिट दे दी। हालांकि प्राधिकरण को एक बार खुद से स्क्रूटनी करने का आदेश दिया है, जिसके आधार पर प्राधिकरण ने समिति गठित कर जांच शुरू कर दी है।