दिल्ली में हादसा: मेटल निकालने के लिए सीवर में घुसे दो लोगों फिर नहीं निकले बाहर, जहरीली गैस से मौत की आशंका
मरने वालों की शिनाख्त इंद्रलोक जेजे कलस्टर निवासी मोहम्मद शहीद और नांगलोई निवासी रवि के रूप में हुई। छानबीन करने पर पता चला कि दोनों मृतक पिछले पांच साल से सीवर में घुसकर औद्योगिक इलाके में स्थित फैक्टरियों से निकलने वाले कचरे को बाहर निकालते थे।
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दिल्ली के केशवपुरम इलाके में रविवार दोपहर मेटल निकालने के लिए सीवर में घुसे दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान मोहम्मद शहीद (47) और रवि (27) के रूप में हुई है। पुलिस ने सीवर में जहरीली गैस के चपेट में आने से इनकी मौत की आशंका जताई है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 12.44 बजे पुलिस को सूचना मिली कि लारेंस रोड औद्योगिक इलाके में दो लोग सीवर में घुसे थे लेकिन बाहर नहीं निकले है। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी दमकल विभाग को दी। सूचना मिलते ही दमकल कर्मी मौके पर पहुंच गए। सूचना देने वाले एक फैक्टरी के सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि दो लोग मेटल की तलाश करने के लिए सीवर में घुसे थे, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद वह बाहर नहीं निकले हैं। दमकल कर्मियों ने सीवर में घुसे लोगों की तलाश शुरू की और कुछ देर में दोनों को बाहर निकाला। दोनों की मौत हो चुकी थी। छानबीन करने के बाद पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बाबू जगजीवन राम अस्पताल में रखवा दिया।
मेटल बेचकर करते थे गुजारा
मरने वालों की शिनाख्त इंद्रलोक जेजे कलस्टर निवासी मोहम्मद शहीद और नांगलोई निवासी रवि के रूप में हुई। छानबीन करने पर पता चला कि दोनों मृतक पिछले पांच साल से सीवर में घुसकर औद्योगिक इलाके में स्थित फैक्टरियों से निकलने वाले कचरे को बाहर निकालते थे। फिर उसने से मेटल को छानकर निकालते थे। मेटल को इकट्ठा करने के बाद उसे बेचकर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे। बताया जा रहा है कि इस इलाके में सोने के चेन भी बनाने की फैक्टरियां भी हैं।
कई लोग सीवर से निकालते हैं कचरा
स्थानीय लोगों ने बताया कि इंद्रलोक जेजे कलस्टर और नांगलोई इलाके में रहने वाले काफी लोग इस तरह से जान जोखिम में डालकर सीवर में घुसते हैं। सभी औद्योगिक इलाके के फैक्टरियों से निकलने वाले कचरे से मेटल की तलाश करते हैं। फिर उसे बेच देते हैं। ज्यादातर लोग इस काम को चोरी छिपे अंजाम देते हैं। वह तड़के सीवर में घुसते हैं और कुछ देर में ही कचरा निकालकर बाहर आ जाते हैं।
घर में मचा कोहराम रवि की मौत की सूचना मिलते ही उसके घर में कोहराम मच गया। करोलबाग में रहने वाली रवि की बहन पूनम ने बताया कि रवि नांगलोई इलाके में रहता था। वह कई सालों से सीवर लाइन से मेटल निकाल कर उसे बेचता था। इसके जरिए ही वह अपना गुजारा करता था। भाई की मौत से आहत पूनम ने बताया कि रवि से सुबह में फोन पर बात हुई थी। यह कहकर वह फफककर रोने लगी।