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शिक्षामंत्री ने कहा, वैदिक और संस्कृत शिक्षा पर हो जोर
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sat, 21 Nov 2015 06:24 PM IST
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राज्य के शिक्षामंत्री राम बिलास शर्मा ने वैदिक और संस्कृत शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि सरकार नई शिक्षा नीति बना रही है। इसके लिए प्रदेश भर से करीब दो लाख लोगों से सुझाव लिए गए हैं।
उन सुझावों को नई शिक्षा नीति में शामिल किया जाएगा। शर्मा शनिवार को यहां भीमसेन कॉलोनी स्थित ठारूराम आर्य कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के रजत जयंती समारोह में शामिल होने आए थे।
उन्होेंने कहा कि आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती के नीति सिद्धांत व संस्कार के अनुसार संचालित विद्यालयों द्वारा समाज की बेटियों को कम खर्च पर बेहतर दर्जे की शिक्षा देना सराहनीय कदम है।
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उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवसाय नहीं बल्कि एक मिशन है। हमारे समाज में बेटियों को भी बेटों की तरह समान शिक्षा के अवसर प्रदान करके सफलता के शिखर तक पहुंचाने की अत्यंत आवश्यकता है।
शिक्षा मंत्री ने स्कूल के उत्थान में आर्थिक सहयोग स्वरूप स्वैच्छिक कोष से 21 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की। साथ ही प्रतिभावान छात्राओं को पुरस्कृत भी किया।
इस मौके पर मुख्य संसदीय सचिव सीमा त्रिखा, विधायक मूलचंद शर्मा, टेकचंद शर्मा, अजय गौड़, विद्यालय सभा ट्रस्ट के प्रधान पीसी शर्मा, प्राचार्या दर्शलता, आर्यवीर दल दिल्ली के प्रधान डॉ. देवव्रत सरस्वती और दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. महेश विद्यालंकार आदि उपस्थित थे।
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उन सुझावों को नई शिक्षा नीति में शामिल किया जाएगा। शर्मा शनिवार को यहां भीमसेन कॉलोनी स्थित ठारूराम आर्य कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के रजत जयंती समारोह में शामिल होने आए थे।
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उन्होेंने कहा कि आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती के नीति सिद्धांत व संस्कार के अनुसार संचालित विद्यालयों द्वारा समाज की बेटियों को कम खर्च पर बेहतर दर्जे की शिक्षा देना सराहनीय कदम है।
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उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवसाय नहीं बल्कि एक मिशन है। हमारे समाज में बेटियों को भी बेटों की तरह समान शिक्षा के अवसर प्रदान करके सफलता के शिखर तक पहुंचाने की अत्यंत आवश्यकता है।
शिक्षा मंत्री ने स्कूल के उत्थान में आर्थिक सहयोग स्वरूप स्वैच्छिक कोष से 21 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की। साथ ही प्रतिभावान छात्राओं को पुरस्कृत भी किया।
इस मौके पर मुख्य संसदीय सचिव सीमा त्रिखा, विधायक मूलचंद शर्मा, टेकचंद शर्मा, अजय गौड़, विद्यालय सभा ट्रस्ट के प्रधान पीसी शर्मा, प्राचार्या दर्शलता, आर्यवीर दल दिल्ली के प्रधान डॉ. देवव्रत सरस्वती और दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. महेश विद्यालंकार आदि उपस्थित थे।