प्लॉट दिलाने के नाम पर ठगी, दो इंजीनियर गिरफ्तार
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नोएडा-ग्रेटर नोएडा में सस्ते में प्लॉट दिलाने के नाम पर लोगों को ठगने वाले हाईप्रोफाइल गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। गिरोह को चलाने वाले दो इंजीनियरों को कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सरगना सहित चार सदस्य फरार हैं जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।
क्षेत्राधिकारी प्रथम अवनीश कुमार के अनुसार, सेक्टर-20 पुलिस ने शनिवार रात को सेक्टर-18 से अनुभव श्रीवास्तव और अमित कुमार पटेल को गिरफ्तार किया है। अनुभव (27) ने आगरा के साईं नाथ कॉलेज से बीटेक किया है जबकि अमित (25) ने राजस्थान से मेकेनिकल में डिप्लोमा किया हुआ है। आरोपी दोस्तों के साथ दिल्ली के जगदंबा विहार में डायमंड सिटी नाम से एक प्रॉपर्टी का ऑफिस चला रहे थे।
गिरोह सरगना प्रकाश है जबकि फरार अन्य साथी कुणाल, गौरव व अखिलेश हैं जिनकी तलाश की जा रही है। आरोपी ऑनलाइन प्रॉपर्टी सर्च करने वाले लोगों से संपर्क कर लुभाते थे और टोकन मनी के रूप में 1 लाख रुपये लेते थे। इसके बाद अपना नंबर बंद कर लेते थे। जालसाज खुद को ही किसी खाली प्लॉट का मालिक बता देते थे। लोगों को एसडीएम और सरकारी अधिकारियों की फर्जी मुहर लगे कागजात दिखाकर वारदात अंजाम देते थे।
ऐसे करते थे ठगी
जालसाज तकनीकी रूप से दक्ष है जिसका ठगी में फायदा उठाते थे। प्रॉपर्टी से जुड़ी वेबसाइटों से ये लोग डाटा खरीद लेते थे। इस डाटा के आधार पर ये लोग नोएडा-ग्रेटर नोएडा में प्रॉपर्टी देखने वालों को शॉर्ट लिस्ट कर देते थे। इसके बाद प्रॉपर्टी खरीदने वाले शख्स से खुद ही फोन पर बात करते थे।
उन्हें नोएडा-ग्रेटर नोएडा के किसी खाली प्लॉट के मालिक से सीधे मार्केट रेट से कम कीमत में दिलाने का लालच देते थे। खरीदार के कहने पर नोएडा के किसी स्थान पर मुलाकात भी करा देते थे और मौके पर जाकर खाली प्लॉट भी दिखा देते थे।
इस दौरान गिरोह के ही सदस्यों में कोई एक मालिक व उसका रिश्तेदार बन जाता था जो मालिक बनता था वह सोने की चेन व महंगे कपड़े पहनकर बड़ी कार से आता था। इसके बाद अगर खरीदार जमीन के कागज मांगता था तब उसे फर्जी मुहर लगे कागज दिखाकर झांसे में लिया जाता था।
एडवांस लेकर देते थे चेक
जबकि जिस बैंक का चेक देते थे उसमें पैसा नहीं रखते थे। यह देखकर खरीदार आसानी से इन पर भरोसा कर लेता था। किसी एक प्रॉपर्टी को कई लोगों को बेचने का झांसा देकर 5-6 महीने बाद ये जालसाज अपना नंबर बंद कर ऑफिस भी बदल देते थे।
कंपनी डूबी तो बन गया जालसाज
क्षेत्राधिकारी प्रथम अवनीश कुमार ने बताया कि आरोपी अनुभव श्रीवास्तव ने 2015 तक नोएडा में दो अलग-अलग कंपनियां खोली थीं। जब इसमें उसका नुकसान हो गया तो बेरोजगारी के दौरान उसकी मुलाकात गिरोह के सरगना प्रकाश से हुई। इसके बाद वह भी इसमें शामिल हो गया। जालसाज अब तक 30 से ज्यादा स्थानों पर अपना ऑफिस बदल चुके हैं।