खुलने लगा रेव पार्टी का हर राज: राहुल की निशानदेही पर जहां से मिले दो कोबरा, वहां से फाजिलपुरिया का भी कनेक्शन
रेव पार्टी में ले जाने के लिए तस्करी कर दोनों सांप लाए गए थे। दोनों सांप वन विभाग को सौंप दिए गए हैं। मेडिकल परीक्षण के बाद दोनों सांप जंगल में छोड़ दिए जाएंगे।
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एल्विश यादव मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब रेव पार्टी के लिए सांपों का जहर सप्लाई करने के आरोपी राहुल ने 24 घंटे की रिमांड में पुलिस के सामने कई राज खोले हैं। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने फरीदाबाद स्थित गांव से दो कोबरा सांप रेस्क्यू किए हैं। रेव पार्टी में ले जाने के लिए तस्करी कर दोनों सांप लाए गए थे। दोनों सांप वन विभाग को सौंप दिए गए हैं। मेडिकल परीक्षण के बाद दोनों सांप जंगल में छोड़ दिए जाएंगे। वहीं राहुल की लाल डायरी में कई नाम और पते कोड में लिखे गए हैं। पुलिस इन्हें डिकोड कर रही है।
इसी गांव से सिंगर फाजिलपुरिया का कनेक्शन भी मिला है। पुलिस मामले में फाजिलपुरिया को पूछताछ के लिए नोएडा बुला सकती है। उधर, रिमांड में हुई पूछताछ के बाद शुक्रवार को राहुल को वापस जेल भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि लाल डायरी में सांपों का जिक्र भी था। रिमांड पर लेने के बाद राहुल से पूछताछ शुरू की गई। जिसके बाद उसने सच उगलना शुरू किया।
पुलिस उसे लेकर फरीदाबाद के गांव में गई। गांव में राहुल का गोदाम बना रखा है। जहां वह बदरपुर से सांप लाकर रखता था। पुलिस पूछताछ में राहुल ने बताया कि कुछ प्रजाति के सांप बदरपुर के गांव में नहीं मिलते। ऐसे सांप राजस्थान, झारखंड और अन्य राज्यों से लाकर गांव के गोदाम में रखे जाते थे। गांव में सांप रखने से पुलिस और वन विभाग की नजर से बचे रहते थे।
बाद में राहुल के गिरोह के लोग ही सांपों का जहर निकालते थे। पूछताछ में राहुल ने अधिकतर पार्टी फाजिलपुर गांव में करने की बात कही है। एडिशनल डीसीपी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद राहुल को कड़ी सुरक्षा के बीच लुक्सर जेल भेज दिया गया है।
फिर रिमांड के लिए आवेदन कर सकती है पुलिस
बताया जा रहा है कि पुलिस फिर से आरोपी राहुल की रिमांड के लिए आवेदन कर सकती है। इस केस में राहुल ही पुलिस को अहम सुरागों तक पहुंचा सकता है। पुलिस उसे लेकर कई और स्थानों पर जाकर जांच कर सकती है। हालांकि नोएडा पुलिस इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रही है।
पुलिस फिर नहीं करा पाई एल्विश और राहुल का आमना-सामना
पुलिस इस बार भी राहुल और एल्विश का आमना-सामना नहीं करा पाई। अधिकारियों के दावों के बावजूद इस बार एल्विश को नहीं बुलाया गया। पुलिस तकनीकी सबूत और सर्विलांस के आधार पर एल्विश और फाजिलपुरिया की संलिप्तता के सबूत जुटाने का प्रयास कर रही है।
डायरी में कोड में लिखा ब्योरा
राहुल की लाल डायरी में कई नाम और पते कोड में लिखे गए हैं। पुलिस इन्हें डिकोड कर रही है। पुलिस को अभी तक एल्विश यादव के खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिला है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड में भी सपेरों से एल्विश का सीधा संपर्क नहीं मिला है।