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300 बेरोजगारों से करोड़ों की ठगी, दो गिरफ्तार, रेलवे में नौकरी दिलाने के लिए लेते थे 10-12 लाख

Fri, 13 Dec 2019 01:21 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 13 Dec 2019 01:21 AM IST
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Two arrested for cheating crores of rupees in the name of providing jobs in railways
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

देशभर के युवाओं को रेलवे में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर सैकड़ों बेरोजगारों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोप में पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा है, जिनकी पहचान विकेश सिंह (29) और अतुल जैन (35) के रूप में हुई है।

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पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने 300 से अधिक युवकों से करोड़ों रुपये ठगे हैं। आरोपी बाकायदा ट्रेनिंग और मेडिकल करवाकर बेरोजगारों को जॉब लैटर थमाते थे। बाद में प्रत्येक से 10 से 12 लाख रुपये ऐंठ लिए जाते थे। आरोपियों ने www.irrbgovresults.com के नाम एक फर्जी वेबसाइट भी बना रखी है, जो बिल्कुल इंडियन रेलवे की वेबसाइट से मिलती-जुलती है। विकेश मुंबई में मर्चेंट नेवी में काम कर चुका है।
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मध्य जिला पुलिस उपायुक्त मंदीप सिंह रंधावा ने बताया कि पिछले दिनों नबी करीम थाने में आंध्र प्रदेश निवासी गंटा प्रूधवी स्वामी ने नौकरी के नाम पर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि विकेश और अतुल जैन व अन्यों ने उससे रेलवे में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर 25.50 लाख रुपये ठगी की थी। गंटा को टिकट चेकर की नौकरी दिलवाने का झांसा दिया गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। पुलिस ने नौ दिसंबर को विकेश को दिल्ली के मुकुंदपुर इलाके से दबोच लिया। इसके बाद उसके साथी अतुल जैन को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से दबोचा गया।
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पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह दक्षिण भारत के ज्यादा लोगों को निशाना बनाते थे। आरोपी ग्रुप-सी और डी की नौकरियों के लिए अपनी फर्जी वेबसाइट पर जानकारियां डालते थे। इसके बाद ऑनलाइन फॉर्म भरवाकर उनके कागजात ले लिए जाते थे। सबसे पहले वह बेरोजगार युवकों का मेडिकल करवाते थे। बाद में सहरसा (बिहार), और चारबाग (लखनऊ) के रेलवे स्टेशन पर ट्रेनिंग का नाटक किया जाता था। इसके बाद उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र देकर 10 से 12 लाख रुपये ऐंठ लेते थे। करीब सात साल से आरोपी यह धंधा कर रहे थे। 

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