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20 AAP विधायक मामला: HC के फैसले के बाद देखने को मिला गजब नजारा, विपक्ष में दौड़ी खुशी की लहर

Sat, 24 Mar 2018 09:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 24 Mar 2018 09:59 AM IST
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twenty aap mlas: opposition congratulated for the victory in office of profit case
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आम आदमी पार्टी (आप) के 20 विधायकों को अयोग्य करार देने वाली केन्द्र की अधिसूचना के दिल्ली उच्च न्यायालय से रद्द होने को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सत्य की जीत बताया है।

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वहीं, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी फैसले का स्वागत किया। दूसरी तरफ दिल्ली विधान सभा में आप विधायकों ने भारत माता की जयकारे के साथ अपनी खुशी जाहिर की। दिलचस्प यह कि विपक्ष के विधायकों ने भी हाईकोर्ट के फैसले पर आप व दिल्ली सरकार को बधाई दी।

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हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि यह सत्य की जीत है। निर्वाचित जन प्रतिनिधियों को गलत तरीके से अयोग्य ठहरा दिया गया। उच्च न्यायालय ने दिल्ली के लोगों को न्याय दिया है। यह लोगों की जीत है। दिल्ली के लोगों को बधाई।

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दूसरी तरफ फैसले की जानकारी मिलते ही विधान सभा के बजट सत्र में मौजूद विधायकों ने जयकारे लगाये।

आप विधायक महेंद्र गोयल ने प्रश्न काल में फैसले पर खुशी जाहिर करते हुये कहा कि आज वह सवाल नहीं पूछेंगे। मौका लोकतंत्र की जीत का है। शायराना अंदाज व मजाकिया लहजे में उन्होंने विधान सभा अध्यक्ष से मांग कर डाली कि वह सदन को सोमवार तक के स्थगित कर दें। दूसरे कई विधायकों ने भी सदन में अदालती फैसले की तारीफ की।

सत्ता पक्ष की खुशी में विपक्ष भी हुआ शामिल, दी बधाई

twenty aap mlas: opposition congratulated for the victory in office of profit case
20 आप विधायक

सदन में सत्ता पक्ष की खुशी में विपक्ष भी शामिल हुआ। भाजपा विधायक एमएस सिरसा ने कहा कि लोकतंत्र नियम-कानून से चलता है। इसकी अदायगी वह करते रहेंगे। सत्ता पक्ष की खुशी में विपक्ष भी शामिल है।

बीस विधायकों समेत मंत्री कैलाश गहलोत का उन्होंने बधाई दी। वहीं नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि अदालत में सबको अपनी बात कहने का अधिकार है।

कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुये उन्होंने विपक्ष को बधाई दी। साथ ही यह भी यह भी जोड़ दिया कि जिस तरह 20 विधायकों के मामले में कोर्ट ने प्राकृतिक न्याय की बात कही है, उसी तरह का प्राकृतिक न्याय विपक्ष के साथ भी होना चाहिये। विधायक ओपी शर्मा को भी विधान सभा अध्यक्ष को सदन में आने की इजाजत देनी चाहिये।

इसके बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि विपक्ष की प्रतिक्रिया के वह शुक्रगुजार हैं। फैसला लोकतंत्र के लिये अहम है। जिस तरह बीस विधायकों पर आरोप लगे और बगैर सुनवाई किये उनकी रद्द कर दी गयी, उन्हें सदन से बाहर निकाल दिया गया, लोकतंत्र में प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है। अदालत का फैसला सत्य की लोकतंत्र की जीत है।

विधानसभा अध्यक्ष ने दी विधायकों को सदन में प्रवेश करने की इजाजत

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अदालत का फैसला आने के करीब एक घंटे बाद विधान सभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने बीस विधायकों को सदन में प्रवेश की इजाजत दे दी।

राम निवास गोयल के कहा कि जिस तरह कोर्ट का फैसला आया है, उससे वह अभी तक अयोग्य चल रहे विधायकों को सदन में आने की इजाजत दे रहे हैं। अध्यक्ष के फैसले का विधायकों ने मेज थपथपाकर स्वागत किया।

अध्यक्ष केफैसले के करीब आधे घंटे बाद 3.45 बजे लक्ष्मी नगर विधायक नितिन त्यागी ने सदन में प्र्रवेश किया। विधान सभा में एक बार फिर भारत माता के जय के जयकारे लगे। वहीं, अध्यक्ष ने भी त्यागी का स्वागत किया। इसके बाद धीरे-धीरे सोमदत्त, राजेश गुप्ता, राजेश ऋषि, अलका लांबा समेत करीब दस विधायक सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने पहुंचे।

आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अदालत के फैसले से साबित हो गया है कि चुनाव आयोग ने दबाव में आकर बीस विधायकों को अयोग्य करार दिया था। फैसला लोकतंत्र की जीत है। अब आप विधायक बजट सत्र में हिस्सा ले सकेंगे।

भाजपा विधायक ओपी शर्मा का निलंबन भी हुआ रद्द

विधान सभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने कहा कि फिलहाल मौका खुशी है। सदन हल्के मूड में दिख रहा है। ऐसे में बीते दिनों अभद्र टिप्पणी करने के एवज में सदन से निलंबित चल रहे भाजपा विधायक को भी सदन में आने की इजाजत मिलनी चाहिये।

दूसरे कई आप विधायकों ने भी इसका समर्थन किया। हालांकि, विधायक सौरभ भारद्वाज व पंकज पुष्कर ने शर्मा का निलंबन रद्द न करने की मांग अध्यक्ष से की।

इसी बीच पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र तोमर ने इससे जुड़ा एक प्रस्ताव सदन में पेश किया। सदन ने इसे ध्वनि मत से पारित कर दिया।

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