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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कांत एन्क्लेव में 12 मकान ढहाए, 31 भूखंड मालिकों को 31 जुलाई तक मोहलत
Tue, 02 Apr 2019 03:19 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 02 Apr 2019 03:19 AM IST
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कांत एंक्लेव में 12 मकान ढहाए
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब लैंड प्रिजर्वेशन एक्ट (पीएलपीए) में 1992 के बाद शामिल किए गए कांत एंक्लेव में सोमवार सुबह सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर प्रशासन ने 13 भूखंडों में बने 12 भवनों को ध्वस्त कर दिया।
इस कार्रवाई को लोगों ने काला दिवस के रूप में मनाया और काले झंडे दिखाते हुए प्रशासन का विरोध किया, लेकिन कार्रवाई शाम तक बेरोकटोक चली। इस दौरान एक फिल्म स्टूडियो सहित कुल 12 निर्माण तोड़े गए। तोड़फोड़ और मलबे को कब्जे में लेने की कार्रवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद कार्रवाई अंजाम देने के लिए पांच ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में पांच तोड़फोड़ दस्ते और सुरक्षा के लिए एनआईटी जोन के थानों से करीब पांच सौ पुलिसकर्मी, एंबुलेंस, दमकल वाहन सुबह ही कांत एन्क्लेव पहुंच गए थे। इस दौरान मुख्य मार्ग पर भूखंडों के मालिक काले झंडे और काले कपड़े पहन कर खड़े थे।
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करीब सवा आठ बजे भवनों को तोड़ने का कार्य शुरू किया गया। चार टीमों ने ब्लॉक संख्या तीन में प्लॉट नंबर 373, 374 (मेसर्स लिबरा कॉमर्शियल एलएलपी) 70, 353 (मेसर्स मेट्रोपार्क डेवलपर्स एंड हाउसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड), ब्लॉक चार स्थित प्लॉट नंबर तीन (तसनीम अजीज अहमदी), 321 और फिल्म स्टूडियो में तोड़फोड़ की गई।
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इस कार्रवाई को लोगों ने काला दिवस के रूप में मनाया और काले झंडे दिखाते हुए प्रशासन का विरोध किया, लेकिन कार्रवाई शाम तक बेरोकटोक चली। इस दौरान एक फिल्म स्टूडियो सहित कुल 12 निर्माण तोड़े गए। तोड़फोड़ और मलबे को कब्जे में लेने की कार्रवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी।
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सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद कार्रवाई अंजाम देने के लिए पांच ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में पांच तोड़फोड़ दस्ते और सुरक्षा के लिए एनआईटी जोन के थानों से करीब पांच सौ पुलिसकर्मी, एंबुलेंस, दमकल वाहन सुबह ही कांत एन्क्लेव पहुंच गए थे। इस दौरान मुख्य मार्ग पर भूखंडों के मालिक काले झंडे और काले कपड़े पहन कर खड़े थे।
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करीब सवा आठ बजे भवनों को तोड़ने का कार्य शुरू किया गया। चार टीमों ने ब्लॉक संख्या तीन में प्लॉट नंबर 373, 374 (मेसर्स लिबरा कॉमर्शियल एलएलपी) 70, 353 (मेसर्स मेट्रोपार्क डेवलपर्स एंड हाउसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड), ब्लॉक चार स्थित प्लॉट नंबर तीन (तसनीम अजीज अहमदी), 321 और फिल्म स्टूडियो में तोड़फोड़ की गई।
यह सभी इमारतें पहले ही खाली की जा चुकी थीं। इसलिए कोई विरोध नहीं हुआ। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सोमवार को जिन 12 निर्माण के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई, उनके मालिकों को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर मुआवजा राशि चुका दी गई है।
7 और भूखंड मालिकों ने दिए सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र
कांत एंक्लेव में सोमवार को 20 भूखंडों में बने निर्माण ढहाए जाने थे, लेकिन सात भूखंड मालिकों ने सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दे दिए कि वे 31 जुलाई तक अपने निर्माण स्वयं ढहा देंगे।
इस कारण उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 44 भूखंडों पर कार्रवाई की जानी थी। इनमें से 24 ने पहले ही शपथ पत्र देकर 31 जुलाई तक की मोहलत मांगी थी।
कांत एंक्लेव में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई है। 13 भूंखडों से निर्माण हटा दिए हैं। शेष 31 भूखंड मालिकों को 31 जुलाई तक मोहलत दी गई है।
-अतुल कुमार द्विवेदी, जिला उपायुक्त