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Delhi: किडनी, हार्ट के बाद पहली बार छाती से निकाला ट्यूमर, सफदरजंग अस्पताल में हुआ ऑपरेशन
Sat, 01 Oct 2022 09:19 AM IST
विजय पुंडीर
राकेश शर्मा, नई दिल्ली
राकेश शर्मा, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sat, 01 Oct 2022 09:19 AM IST
सार
ऑपरेशन के जरिये न सिर्फ कुछ घंटों में मरीज का ट्यूमर निकाला, बल्कि उसे चार दिन में ठीक कर अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई।
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सफदरजंग अस्पताल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
किडनी और हार्ट के बाद सफदरजंग अस्पताल ने अब छाती से ट्यूमर निकालने में बड़ी सफलता हासिल की है। ऑपरेशन के जरिये न सिर्फ कुछ घंटों में मरीज का ट्यूमर निकाला, बल्कि उसे चार दिन में ठीक कर अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई। डॉक्टरों के अनुसार, हाल ही में आए रोबोट का प्रयोग विभागवार किया जा रहा है। पहले किडनी, फिर हार्ट और अब छाती की सर्जरी में कामयाबी हासिल हुई है।
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सफदरजंग अस्पताल के कार्डियोथोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी विभाग (सीटीवीएस) के प्रमुख डॉ. अनुभव गुप्ता ने बताया कि बीते 15 सितंबर को 27 साल की महिला रोगी छाती में ट्यूमर की परेशानी लेकर अस्पताल में भर्ती हुई थी। इस बीच जांच में पता चला कि उन्हें मीडियास्टिनल ट्यूमर की शिकायत है। दरअसल, इस ट्यूमर की वृद्धि छाती में होती है, जो फेफड़ों को अलग करती है। यह ट्यूमर ब्रेस्टबोन, रीढ़ और फेफड़ों से घिरा होता है।
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सामान्य तौर पर 30 से 50 वर्ष की आयु में इस तरह की परेशानी देखने को मिलती है। अभी तक सर्जरी में काफी समय लगता था और मरीज की रिकवरी भी महीनों में होती थी, लेकिन रोबोटिक सर्जरी से इसमें काफी मदद मिली। डॉ. अनुभव ने बताया कि 23 सितंबर को कुछ ही घंटे में रोबोट की मदद से ट्यूमर को छाती से बाहर निकाल लिया गया। इस प्रक्रिया में मरीज का बहुत अधिक ब्लड लॉस नहीं हुआ और न कोई बड़ा चीरा लगाने की जरूरत पड़ी। ऑपरेशन सफल होने के चार दिन बाद 27 सितंबर को मरीज को छुट्टी दे दी गई। फॉलोअप जांच में मरीज पूरी तरह से फिट पाई गई है।
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सफदरजंग अस्पताल के निदेशक डॉ. बीएल शेरवाल ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी में अभी तक हमारा अनुभव काफी अच्छा रहा है। इस तकनीक की मदद से मरीज की चिकित्सा यात्रा और डॉक्टरों की सहूलियत दोनों में ही लाभ देखने को मिल रहा है।
अब तक हो चुकी हैं 4 सर्जरी
अस्पताल में अभी तक रोबोट की मदद से 4 सर्जरी हो चुकी हैं। इनमें से पहली बार रोबोट की मदद से किडनी का ट्रांसप्लांट हुआ था। उसके बाद दिल के रोगी की सर्जरी हुई। फिर छाती का ट्यूमर निकाला गया। इसके अलावा एक अन्य सर्जरी भी रोबोट की मदद से सफदरजंग अस्पताल में हो चुकी है।