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बिना मुहूर्त के ही होंगी एक दिन में 700 शादियां
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Mon, 03 Nov 2014 10:57 AM IST
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देवोत्थान एकादशी पर होने वाले तुलसी विवाह के लिए एक दिन पूर्व ही मंदिरों और घरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्तिक मास में तुलसी की पूजा-अर्चना कर रहे लोग सोमवार को तुलसी विवाह में शामिल होंगे।
हालांकि इस दिन शुक्र डूबने के कारण मुहूर्त शुरू नहीं हुए मगर तुलसी और शालिग्राम के विवाह अवसर पर शहर में करीब 700 शादियां होंगी। बैंड, बाजा और बारात के कारण सप्ताह के पहले दिन ही लोगों को जाम से जूझना पड़ सकता है।
कई जगहों पर तुलसी विवाह के लिए लोग शोभायात्रा में शामिल होंगे तो कहीं विधिवत तुलसी की शादी कराई जाएगी। पं. गुडानंद पांडेय ने बताया कि मान्यता है कि इस दिन शालग्राम और तुलसी का विवाह हुआ है। ऐसे में ये दिन काफी शुभ माना जाता है।
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यही कारण है कि लोग बिना मुहूर्त निकाले ही इस दिन शादियां करते हैं। बैंक्वेट हॉल संचालक हरी भाटी ने बताया कि शहर के अधिकांश हॉल बुक हैं जबकि कुछ लोग दिल्ली और गुडगांव जाकर भी शादियां कर रहे हैं।
एक साथ शहर में इतनी शादियों के कारण ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। ऐसे में शाम को जाम से बचना चाहते हैं और घर समय से पहुंचना है तो जल्दी निकलने में ही समझदारी है।
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हालांकि इस दिन शुक्र डूबने के कारण मुहूर्त शुरू नहीं हुए मगर तुलसी और शालिग्राम के विवाह अवसर पर शहर में करीब 700 शादियां होंगी। बैंड, बाजा और बारात के कारण सप्ताह के पहले दिन ही लोगों को जाम से जूझना पड़ सकता है।
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कई जगहों पर तुलसी विवाह के लिए लोग शोभायात्रा में शामिल होंगे तो कहीं विधिवत तुलसी की शादी कराई जाएगी। पं. गुडानंद पांडेय ने बताया कि मान्यता है कि इस दिन शालग्राम और तुलसी का विवाह हुआ है। ऐसे में ये दिन काफी शुभ माना जाता है।
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यही कारण है कि लोग बिना मुहूर्त निकाले ही इस दिन शादियां करते हैं। बैंक्वेट हॉल संचालक हरी भाटी ने बताया कि शहर के अधिकांश हॉल बुक हैं जबकि कुछ लोग दिल्ली और गुडगांव जाकर भी शादियां कर रहे हैं।
एक साथ शहर में इतनी शादियों के कारण ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। ऐसे में शाम को जाम से बचना चाहते हैं और घर समय से पहुंचना है तो जल्दी निकलने में ही समझदारी है।