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पेयजल के ट्यूबवैल को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन में ठनी
ब्यूरो / अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Fri, 27 Nov 2015 04:59 PM IST
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जिला प्रशासन द्वारा जबरदस्ती बडौजी गांव की जमीन में नूंह के आसपास के गांवों को पानी सप्लाई करने के लिए किए जा रहे ट्यूबवैल को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन में ठन गई हैं।
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शासन ने जब ग्रामीणों की बात को अनसुना किया तो उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया हैं। बता दें कि जनस्वास्थ्य विभाग नूंह खंड के गांव मरोडा, मुरादबास, ऊंटका, खेडला आदि गांवों में पेयजल की आपूर्ति के लिए अरावली की तलहटी में बसे बडौजी गांव की जमीन में ट्यूबवैल लगाने जा रहा हैं।
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इसके लिए खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी नूंह ने जनस्वास्थ्य विभाग के नाम प्रस्ताव 6 अक्तुबर को पारित कर दिया। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस बारे में किसी प्रकार का कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया।
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ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में पहले ही जनस्वास्थ्य विभाग ने 25-30 ट्यूबवैल किए हुए हैं। लेकिन जमीन में उतना पानी नहीं होने के कारण वे अधिकांश खराब हो चुके हैं। साथ ही गांव में भी पीने लायक पानी नहीं बचा हैं।
जिसके कारण ग्रामीणों को पेयजल की समस्या आती हैं। उनके गांव में दूसरे गांवों की सप्लाई लायक पानी नहीं है, इसलिए यह ट्यूबवैल नहीं किया जाए।
उपायुक्त से लगाई गुहार: बडौजी निवासी मेंबर पंचायत जमीला, पूर्व सरपंच पूरन, आमीन, जय प्रकाश नंबरदार गहबर, महेश पंच आदि का कहना है कि 25 नवंबर को उन्होंने उपायुक्त से मिलकर गुहार लगाई थी। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई और विभाग लगातार गांव में ट्यूबवैल लगाने की कोशिश कर रहा हैं।
अदालत पहुंचे ग्रामीण: जब उपायुक्त के सामने उनकी बात नहीं सुनी गई तो ग्रामीणों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। कमलकांत शर्मा, प्रभुदयाल, हेमचंद का कहना है कि उनके गांव में इतना पानी नहीं है कि दूसरे गांवों को सप्लाई की जा सके।
यह सारी योजना नूंह के विधायक के इशारे पर बनाई गई है। लेकिन वे इसके खिलाफ हर प्रकार की लडाई लडने के लिए तैयार है। अदालत ने इस मामले में नोटिस जारी करके 7 दिसंबर की सुनवाई निर्धारित की है।
रेनीवेल से करें सप्लाई: ग्रामीणों का कहना है कि जिन गांवों में पानी की सप्लाई के लिए प्रशासन तैयार कर रहा है, उन्हें रेनीवेल से जोडा जाए। जोगीपुर गांव तक रेनीवेल से जुडा हुआ है, जिससे इन गांवों की दूरी बहुत कम हैं। वहीं रेनीवेल विभाग की योजना भी थी कि अगले चरण में इन गांवों को जोडकर पानी की आपूर्ति की जाएगी।
उपायुक्त अशोक सांगवान का कहना है कि जमीन पंचायत की है या निजी है, इसके लिए तहसीलदार व पटवारी से रिकार्ड मांगा गया है। जमीन पंचायती हुई तो ट्यूबवैल किया जाएगा अन्यथा नहीं। वहीं अदालत से उन्हें अभी इस बारे में कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है।