ट्रक ड्राइवर के बेटे ने अमेरिका में दी स्पीच
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर की होनहार प्रतिभा ने अमेरिका में हिंदी का नारा बुलंद किया है। न्यूयॉर्क शहर में यूनिसेफ के कार्यक्रम के दौरान दसवीं कक्षा के छात्र रोहित शर्मा ने हिंदी में भाषण देकर अपनी छाप छोड़ी है।
ट्रक ड्राइवर के बेटे रोहित शारीरिक रूप से अशक्त हैं। इस कार्यक्रम के लिए देशभर से कुल दस बच्चों का चयन किया गया था। मंगलवार को रोहित के सेक्टर-11डी स्थित डीपीएस स्कूल पहुंचने पर स्वागत किया गया।
इस मौके पर रोहित ने कहा कि शारीरिक रूप से अशक्त बच्चे अपने आप को किसी से कम नहीं समझें। एक अशक्त बच्चा हर वो काम कर सकता है, जो स्वस्थ व्यक्ति करता है।
इसके लिए जरूरत है जज्बे और मन में विश्वास की। यूनिसेफ के कार्यक्रम में उन्होंने बाल श्रम को लेकर अपना भाषण दिया था। इस कार्यक्रम का आयोजन 18 से 27 सितंबर के बीच किया गया। इसमें हरियाणा का प्रतिनिधित्व रोहित ने किया।
पायलट बनना लक्ष्य
कार्यक्रम में कुल 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। इसमें से भारत के मध्यप्रदेश, दिल्ली, तेलांगना, उड़ीसा और हरियाणा से कुल दस बच्चे चयनित हुए थे। शारीरिक रूप से अशक्त बच्चों पर काम करने वाली संस्था वर्ल्ड विजन के जरिये रोहित का चयन हुआ।
रोहित पहली बार हवाई जहाज में सफर कर बेहद उत्साहित है। उनका कहना है कि सफर काफी अच्छा रहा, लेकिन विंडो सीट न मिलने का मलाल रहेगा।
इंद्रा कॉलोनी निवासी ट्रक ड्राइवर के बेटे रोहित शर्मा का सपना पायलट बनना है। पायलट न बन सके तो बैंक मैनेजर के तौर पर करियर बनाने का लक्ष्य है। रोहित स्कूल का होनहार छात्र है।
स्कूल के निदेशक डॉ. नरेंद्र नागर ने बताया कि फिजिकली चैलेंज्ड होने के कारण रोहित को कहीं दाखिला नहीं मिल रहा था लेकिन खुद फिजिकली चैलेंज्ड होने का दर्द समझते हुए उन्होंने दाखिला दिया।-शारीरिक रूप से अशक्त रोहित ने बुलंद किया हिंदी का नारा