Delhi Metro: तीन साल में मेट्रो फेज-4 के तीन कॉरिडोर पर दौड़ने लगेंगी ट्रेनें, यात्रियों का सफर होगा आसान
मेट्रो फेज-4 परियोजना के तहत करीब 65 किलोमीटर के दायरे में तीन कॉरिडोर तैयार किए जा रहे हैं। मौजपुर-मजलिस पार्क के बीच पिंक लाइन के विस्तार के बाद यह देश का पहला मेट्रो रिंग कॉरिडोर बन जाएगा।
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अगले तीन साल में मेट्रो फेज-4 के तीन कॉरिडोर पर ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। सबसे पहले वर्ष 2024 में मौजपुर-मजलिस पार्क (सबसे छोटा कॉरिडोर) के बीच सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। वर्ष 2025 में फेज-4 के तीनों कॉरिडोर पर सेवाएं शुरू होने से एक बड़ी आबादी के लिए आवागमन में सहूलियतें बढ़ जाएंगी। इन पर मेट्रो का परिचालन शुरू होने पर रोज एक लाख से अधिक यात्राएं होने की संभावना जताई जा रही है।
मेट्रो फेज-4 परियोजना के तहत करीब 65 किलोमीटर के दायरे में तीन कॉरिडोर तैयार किए जा रहे हैं। मौजपुर-मजलिस पार्क के बीच 12.55 किलोमीटर के दायरे में 27 फीसदी से आगे निर्माण कार्य चल रहा है। 28.92 किमी में जनकपुरी (पश्चिम)-आरके आश्रम के बीच 32.40 फीसदी जबकि 23.62 किमी लंबे तुगलकाबाद-एयरोसिटी पर भी 12.37 फीसदी निर्माण पूरा हो गया है।
मौजपुर-मजलिस पार्क के बीच पिंक लाइन के विस्तार के बाद यह देश का पहला मेट्रो रिंग कॉरिडोर बन जाएगा। फिलहाल शिव विहार से मजलिस पार्क के बीच पिंक लाइन पर मेट्रो का परिचालन हो रहा है। विस्तार के बाद दिल्ली मेट्रो का पूरा नेटवर्क बढ़कर 400 किमी से भी अधिक हो जाएगा।
पिछले दिनों के दौरान इन कॉरिडोर पर पेड़ों की कटाई और कोविड-19 के दौरान श्रमिकों की कमी से निर्माण कार्य प्रभावित होने के कारण काम तयशुदा वक्त से पीछे चल रहा है। डीएमआरसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मौजपुर-मजलिस पार्क पर निर्माण की राह में अगर रुकावट नहीं आती है तो वर्ष 2024 तक रिंग कॉरिडोर पर ट्रेनें चलने लगेंगी।
पिंक लाइन पर ड्राइवरलेस मेट्रो का परिचालन किया जा रहा है। डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक विकास ने बताया कि ड्राइवरलेस मेट्रो के परिचालन से सेवाएं पहले से और बेहतर हुई हैं। फेज-4 के सभी कॉरिडोर पर भी ड्राइवरलेस मेट्रो का ही परिचालन होगा।
साल के अंत तक 100 फीसदी क्षमता से चलेगी
मेट्रो के अधिकारियों के मुताबिक, दुनिया की तमाम मेट्रो सेवाएं अपनी पूरी क्षमता से करीब 20 फीसदी कम पर चल रही हैं। दिल्ली मेट्रो में भी यात्रियों की संख्या बढ़ने के बाद क्षमता की तुलना में 76 फीसदी यात्राएं हो रही हैं। कोविड-19 के दौरान दिल्ली मेट्रो की सेवाएं भी करीब साढ़े पांच महीने तक बंद रहीं। सेवाओं की शुरुआत के बाद भी काफी दिन तक बंदिशों के साथ मेट्रो चली। धीरे-धीरे संख्या में बढ़ोतरी हो रही है और दिसंबर तक सौ फीसदी क्षमता के साथ दोबारा मेट्रो के पटरी पर लौटने की उम्मीद है।