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जाटों ने फिर रोका हाईवे जाम में फंसीं रहीं गाड़ियां
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 24 Feb 2016 12:42 PM IST
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हरियाणा में जाट आरक्षण को लेकर हो रहे आंदोलन के समर्थन में मंगलवार दोपहर जाट समाज के युवकों ने फिर एनएच-24 जाम कर दिया। कोलंबिया एशिया अस्पताल के पास महरौली कट पर उन्होंने गाड़ियां रोक दीं।
इससे हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मसूरी में काजीपुरा कट के पास भी ग्रामीणों ने एनएच-24 पर जाम लगाया। जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह समझाकर शांत किया।
करीब एक घंटे बाद जाम तो खुल गया, लेकिन इसके एक घंटे बाद यातायात सामान्य हो पाया। कविनगर पुलिस ने चार प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था, बाद में उन्हें छोड़ दिया।
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सीओ द्वितीय विजय प्रताप सिंह के मुताबिक, दोपहर एक बजे ट्रैक्टर, जीप और अन्य वाहनों में जाट समाज के कुछ युवक एनएच-24 पर पहुंचे। हाथों में पंफलेट लिए प्रदर्शनकारियों ने जाट आरक्षण की मांग को लेकर नारेबाजी की।
यहां करीब 40 मिनट हाईवे पर जाम रहा। प्रदर्शन में स्कूली ड्रेस में कुछ बच्चे भी शामिल थे। हाथ में डंडे लेकर प्रदर्शन कर रहे चार युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया। करीब दो घंटे बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
इसके बाद काजीपुरा गांव के लोेगों ने दोपहर करीब पौने दो बजे बहुजन समाज पार्टी कार्यकर्ता आनंद चौधरी की अगुवाई में एनएच-24 पर पहुंचकर ट्रैफिक जाम कर दिया।
हाईवे जाम की सूचना पर मसूरी पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे जाट समाज के लोगों को समझाकर शांत किया।
करीब 20 मिनट बाद प्रदर्शनकारी हाईवे से हटे तो जाम खुलवाया गया। पहले कविनगर, फिर मसूरी में जाम के कारण एनएच-24 पर एक घंटे तक वाहन चालकों को परेशानी हुई।
स्कूली बसों को नहीं रोकाः जिस वक्त जाट समाज के लोगों ने हाईवे जाम किया, उसी वक्त प्राइवेट स्कूलों की छुट्टी हुई थी। स्कूली बसें भी जाम में फंस गईं।
बसों में सवार स्कूली बच्चे परेशान हो गए। हालांकि बाद में आंदोलनकारियों ने स्कूली बसों को जाम से निकलवा दिया।
रेगुलेटर पर रही फोर्स
जाट आरक्षण के मद्देनजर मंगलवार को तीसरे दिन भी रेगूलेटर पर पुलिस बल तैनात रहा। इतना ही नहीं गंगनहर पुलिस चौकी पर अन्य स्थानों पर पुलिस ने चौकसी बरती।
दुहाई में आंदोलनकारियों द्वारा रेल रोकने और हाईवे जाम के बाद पुलिस ने मंगलवार को तीसरे दिन भी गंगनहर पटरी स्थित रेगूलेटर पर पुलिस बल तैनात रखा।
वही एलआईयू भी जाट नेताओं से आंदोलनकारियों की जानकारी लेती रही। पुलिस ने शाम तक किसी आंदोलनकारियों के नहीं पहुंचने तक राहत की सांस ली।
ईएमयू हुई बहाल, लंबी दूरी की 16 ट्रेनें रहीं रद्द
जाट आंदोलन का असर लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन पर मंगलवार को भी पड़ा, लेकिन ईएमयू का संचालन बहाल हो गया। गाजियाबाद से दिल्ली, पलवल, कोसीकलां की लोकल ट्रेनों का संचालन बहाल होने से दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिली।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को जालंधर सुपर, भुज-बरेली आला हजरत, दिल्ली-जम्मूतवी शालीमार एक्सप्रेस, अवध-असम एक्सप्रेस, कालका मेल, देहरादून एक्सप्रेस, अहमदाबाद मेल, शहीद एक्सप्रेस, हावड़ा-जैसलमेर एक्सप्रेस, कालिंदी एक्सप्रेस और ऊंचाहार एक्सप्रेस समेत कई अन्य ट्रेनें भी रद्द रहीं।
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इससे हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मसूरी में काजीपुरा कट के पास भी ग्रामीणों ने एनएच-24 पर जाम लगाया। जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह समझाकर शांत किया।
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करीब एक घंटे बाद जाम तो खुल गया, लेकिन इसके एक घंटे बाद यातायात सामान्य हो पाया। कविनगर पुलिस ने चार प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था, बाद में उन्हें छोड़ दिया।
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सीओ द्वितीय विजय प्रताप सिंह के मुताबिक, दोपहर एक बजे ट्रैक्टर, जीप और अन्य वाहनों में जाट समाज के कुछ युवक एनएच-24 पर पहुंचे। हाथों में पंफलेट लिए प्रदर्शनकारियों ने जाट आरक्षण की मांग को लेकर नारेबाजी की।
यहां करीब 40 मिनट हाईवे पर जाम रहा। प्रदर्शन में स्कूली ड्रेस में कुछ बच्चे भी शामिल थे। हाथ में डंडे लेकर प्रदर्शन कर रहे चार युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया। करीब दो घंटे बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
इसके बाद काजीपुरा गांव के लोेगों ने दोपहर करीब पौने दो बजे बहुजन समाज पार्टी कार्यकर्ता आनंद चौधरी की अगुवाई में एनएच-24 पर पहुंचकर ट्रैफिक जाम कर दिया।
हाईवे जाम की सूचना पर मसूरी पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे जाट समाज के लोगों को समझाकर शांत किया।
करीब 20 मिनट बाद प्रदर्शनकारी हाईवे से हटे तो जाम खुलवाया गया। पहले कविनगर, फिर मसूरी में जाम के कारण एनएच-24 पर एक घंटे तक वाहन चालकों को परेशानी हुई।
स्कूली बसों को नहीं रोकाः जिस वक्त जाट समाज के लोगों ने हाईवे जाम किया, उसी वक्त प्राइवेट स्कूलों की छुट्टी हुई थी। स्कूली बसें भी जाम में फंस गईं।
बसों में सवार स्कूली बच्चे परेशान हो गए। हालांकि बाद में आंदोलनकारियों ने स्कूली बसों को जाम से निकलवा दिया।
रेगुलेटर पर रही फोर्स
जाट आरक्षण के मद्देनजर मंगलवार को तीसरे दिन भी रेगूलेटर पर पुलिस बल तैनात रहा। इतना ही नहीं गंगनहर पुलिस चौकी पर अन्य स्थानों पर पुलिस ने चौकसी बरती।
दुहाई में आंदोलनकारियों द्वारा रेल रोकने और हाईवे जाम के बाद पुलिस ने मंगलवार को तीसरे दिन भी गंगनहर पटरी स्थित रेगूलेटर पर पुलिस बल तैनात रखा।
वही एलआईयू भी जाट नेताओं से आंदोलनकारियों की जानकारी लेती रही। पुलिस ने शाम तक किसी आंदोलनकारियों के नहीं पहुंचने तक राहत की सांस ली।
ईएमयू हुई बहाल, लंबी दूरी की 16 ट्रेनें रहीं रद्द
जाट आंदोलन का असर लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन पर मंगलवार को भी पड़ा, लेकिन ईएमयू का संचालन बहाल हो गया। गाजियाबाद से दिल्ली, पलवल, कोसीकलां की लोकल ट्रेनों का संचालन बहाल होने से दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिली।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को जालंधर सुपर, भुज-बरेली आला हजरत, दिल्ली-जम्मूतवी शालीमार एक्सप्रेस, अवध-असम एक्सप्रेस, कालका मेल, देहरादून एक्सप्रेस, अहमदाबाद मेल, शहीद एक्सप्रेस, हावड़ा-जैसलमेर एक्सप्रेस, कालिंदी एक्सप्रेस और ऊंचाहार एक्सप्रेस समेत कई अन्य ट्रेनें भी रद्द रहीं।