दोस्त संग मिलकर किराएदार ने रची हत्या की साजिश
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कापसहेड़ा के बिजवासन में 22 सितंबर को सेंट्रल वाटर कमीशन के चीफ अकाउंटेंट की पत्नी विमला भारद्वाज (55) की हत्या की गुत्थी को अपराध शाखा ने सुलझा लिया है।
पुलिस ने इस संबंध में विमला के किरायेदार को राजस्थान के अजमेर से दबोचा है। आरोपी की पहचान गांव परकंडी, रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड निवासी अमित सिंह भंडारी उर्फ विक्की (29) के रूप में हुई है।
अमित ने अपने दोस्त अश्वनी के साथ मिलकर लूटपाट के लिए हत्याकांड का षड्यंत्र रचा था। बाद में नैनी इलाहाबाद से दो सुपारी किलर हायर छुट्टन और अज्जू को हायर किया था। फिलहाल छुट्टन, अज्जू और एक अन्य आरोपी अश्वनी फरार हैं।
पिछले डेढ़ माह से गायब था किराएदार
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रवींद्र यादव ने बताया कि विमला की लाश घर में मिली थी। उनके हाथ-पैर बंधे हुए थे। घर से लाखों रुपये के जेवरात व कुछ कैश भी गायब था।
लोकल पुलिस के अलावा अपराध शाखा ने मामले की छानबीन शुरू की। विमला के कई किरायेदार घटना के बाद से गायब थे। इसके अलावा उनके बेटे का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था।
पुलिस ने सभी दृष्टिकोण से मामले की छानबीन शुरू की। जांच के बाद पुलिस को पता चला कि वारदात से वह पिछले डेढ़ माह से गायब है।
इलाहाबाद जाकर माल बांट लिया
वारदात वाले दिन अमित की लोकेशन भी विमला के घर की थी। तथ्य जुटाने के बाद पुलिस ने अमित को राजस्थान से दबोच लिया। अमित ने बताया कि उस पर काफी कर्जा हो गया था।
उसे रुपयों की सख्त जरूरत थी। इसी वजह से उसने अपने दोस्त अश्वनी के साथ मिलकर लूटपाट व हत्या की योजना बनाई। अश्वनी ने इलाहाबाद से भाड़े के हत्यारों का इंतजाम किया। बाद में रेकी कर विमला को घर में अकेला पाकर 22 सितंबर को छुट्टन व अज्जू घर में घुसे।
उन लोगों ने हाथ-पैर बांधने के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में घर से लाखों रुपये के जेवरात, 32 हजार रुपये कैश और एक मोबाइल फोन लूट लिया। वारदात के बाद चारों आरोपी इलाहाबाद गए। वहां माल को बांट लिया गया। बाद में अमित राजस्थान में अपने एक दोस्त के घर आ गया। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।'