केजरीवाल ने एक रात में जुटाए 91 लाख
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दिल्ली विधानसभा चुनाव की तिथि अभी भले ही घोषित नहीं हुई है लेकिन आम आदमी पार्टी जनता से चंदा लेने और दिल्ली की सत्ता कब्जाने को उस चंदे की राशि से प्रचार का धमाल मचाने में भाजपा व कांग्रेस से आगे हो गई है।
अभी तक 38 देशों सहित भारत के लोगों ने दो करोड़ रुपये आप की झोली में डाले हैं। लेकिन पार्टी के रणनीतिकार अब तक मिले चंदे की स्पीड को मिशन दिल्ली के लिए बहुत कम मान रहे हैं। बहरहाल, प्रचार में पार्टी कोई कसर बाकी न छोड़ते हुए लाखों रुपये प्रतिदिन खर्च कर रही है और प्राइम लोकेशन की अधिकांश विज्ञापन साइट पर उसका कब्जा है।
आम आदमी पार्टी के रणनीतिकारों ने एक कुशल प्रबंधन की तरह चंदा लेने की रणनीति इस बार भी तैयार की है। तीन तरीके जिसमें ऑनलाइन, मोबाइल के जरिए आपका दान के तहत कैश व लंच पार्टी आयोजित कर चंदा लेने की कोशिश देश-विदेश के लोगों से जारी है।
हर जगह आप ही 'आप'
पिछले विधानसभा चुनाव में भी 20 करोड़ का चंदा आ जाने पर पार्टी ने 18 नवंबर 2013 को इसे चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त राशि बताकर चंदे की लाइनें बंद कर दी थीं। लेकिन अब तक मात्र दो करोड़ रुपये आने पर वह इस बार चंदे की स्पीड काफी कम मान रही है।
खास बात यह है कि 28 दिनों में शुक्रवार शाम तक 5639 लोगों के ऑनलाइन प्राप्त हुए 1,01,47,794 के चंदे में भारत के लोगों का शेयर 71.5 फीसदी है, पर इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात से 10 फीसदी चंदा मिला है। इसके बाद यूएसए का नंबर आता है। जबकि देश में सबसे अधिक 28.8 फीसदी महाराष्ट्र से मिला है। मुंबई में आयोजित हुई लंच पार्टी के जरिये 91 लाख रुपये जमा हुए हैं।
दरअसल, वर्ष 2013 के चुनाव में आप को यह भी देखने को मिला था कि उसका ग्राफ बढ़ने का संकेत चंदे की राशि भी देती रही है। इस बार भी जब 26 नवंबर को आप का स्थापना दिवस आया तो चंदे का ग्राफ तेजी से बढ़ा और उस दिन करीब 29 लाख रुपये का सर्वाधिक चंदा आया। इस बार चिंता का विषय यह है कि 28 दिनों का चंदे की स्पीड पहले के मुकाबले कम है।
49 दिनों की सत्ता का स्वाद ले चुकी आप इस बार मोदी लहर के बीच सत्ता पाने को कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहती। इसके तहत उसने राजधानी के तीनों नगर निगम व एनडीएमसी के क्षेत्र में आने वाले 900 से अधिक वॉलरैप, बस शेल्टर विज्ञापन साइट व यूनीपॉल को किराए पर लेकर उन पर अपनी 49 दिन की सरकार का प्रचार शुरू कर दिया है।
एक रात में डिनर से जुटाए 91 लाख
अधिकांश सड़क, चौराहों व बस शेल्टरों पर आप का कब्जा दिख रहा है। बस शेल्टर की साइट का किराया महीने में एक लाख रुपये के करीब होता है। इसी तरह से नमस्कार, मैं अरविंद केजरीवाल बोल रहा हूं, एफएम चैनल पर आप कई बार पूर्व मुख्यमंत्री की आवाज सुन सकते हैं, इसमें भी वह 49 दिनों की दिल्ली की अपनी सरकार की उपलब्धियां गिना रहे हैं।
प्रतिदिन खर्च का हिसाब फिलहाल नहीं
प्रतिदिन के खर्च का हिसाब फिलहाल नहीं लगाया जा रहा। जहां तक फंड जुटाने की बात है तो ऐसा नहीं लगता कि जनता की तरफ से आप को सहयोग देने में कोई कमी आएगी। -संजय सिंह, वरिष्ठ नेता आम आदमी पार्टी।
डिनर से 91 लाख जुटाए
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए चंदा जुटाने की जुगत में आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने मुंबई में एक रात्रि भोज से 91 लाख रुपये का चंदा जुटाया है। भोज में 20 हजार रुपये प्रति प्लेट के हिसाब से युवा पेशेवर, हीरा व्यापारी और बैंकर शामिल हुए। आप नेता प्रीति शर्मा मेनन ने बताया कि बृहस्पतिवार को आयोजित रात्रि भोज से पार्टी ने 91 लाख का चंदा जुटाया है। इसमें 36 लाख डोनर पास के जरिये, 36 लाख भोज में शामिल होने आए लोगों से चेक के जरिये और बाकी स्वयं सेवकों ने जुटाए हैं।
कोर्ट के फैसले से खुश नहीं है 'आप'
आम आदमी पार्टी (आप) ने उच्च न्यायालय के उस फैसले से असहमति जाहिर की है, जिसमें गाइड लाइन बनाने का अधिकार निजी स्कूलों को दिया गया है। आप की राय है कि दिल्ली प्रशासन को फैसले की अपील सुप्रीम कोर्ट में करनी चाहिए।
आम आदमी पार्टी का कहना है कि गाइड लाइन बनाने का अधिकार मिलने से निजी स्कूल मनमानी करना शुरू कर देंगे। इससे लाखों अभिभावकों को काफी परेशानी होगी।
आप नेता और दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसौदिया के मुताबिक, पार्टी उच्च न्यायालय का सम्मान करती है, लेकिन निजी स्कूलों के गाइडलाइन बनाने से दाखिलों में धांधली बढ़ेगी। सिसौदिया की मानें तो दाखिलों की गाइडलाइन विवादित रही है। पार्टी का मानना है कि दिल्ली के हर बच्चे को दाखिला दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन अदालत के फैसले से निजी स्कूलों की मनमानी बढ़ेगी। नेताओं व अधिकारियों से सांठगांठ कर स्कूल अभिभावकों से मनमाना पैसा वसूलेंगे।