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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   To pass the Class 10 board examination, 33 percent marks are required in each subject

Delhi NCR News: दसवीं बोर्ड परीक्षा में पास होने के लिए हर विषय में 33 प्रतिशत अंक जरूरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2026 06:36 PM IST
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-कम अंक आने पर कौशल विषय बनेगा सहारा, दिव्यांग विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार चुन सकेंगे विषय
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दसवीं बोर्ड परीक्षा 2027-28 के लिए पास होने और विषय बदलने के नियम स्पष्ट किए हैं। विद्यार्थियों को प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक लाने होंगे। इसमें बोर्ड परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन के अंक शामिल होंगे।
दसवीं में पास होने के लिए बोर्ड परीक्षा और स्कूल के आंतरिक मूल्यांकन के अंकों को जोड़कर 33 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी विद्यार्थी को 80 अंकों की बोर्ड परीक्षा में 24 अंक और आंतरिक मूल्यांकन में 20 में से 9 अंक मिलते हैं, तो उसके कुल 33 अंक होंगे। इस तरह विद्यार्थी उस विषय में पास माना जाएगा। कौशल विषय छात्रों को फेल होने से बचाएगा। यदि कोई विद्यार्थी 22 निर्धारित कौशल विषयों में से एक में पास होता है, तो वह गणित, विज्ञान या सामाजिक विज्ञान में से किसी एक कमजोर विषय की जगह ले सकता है। इसके आधार पर विद्यार्थी का परीक्षा परिणाम तैयार किया जाएगा।
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अतिरिक्त भाषा लेने वालों को भी फायदा मिलेगा। यदि कोई विद्यार्थी अपनी दो मुख्य भाषाओं में से एक में पास नहीं हो पाता लेकिन अतिरिक्त भाषा में पास हो जाता है, तो अतिरिक्त भाषा को कमजोर भाषा की जगह शामिल किया जा सकता है।
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दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष छूट
सीबीएसई ने दिव्यांग विद्यार्थियों को विषय चुनने में विशेष सुविधा दी है। उन्हें एक भाषा पढ़ना अनिवार्य होगा, जिसकी बोर्ड परीक्षा भी देनी होगी। वे अपनी सुविधा और रुचि के अनुसार चार अन्य विषय चुन सकेंगे। इन विषयों में गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अतिरिक्त भाषा, संगीत, चित्रकला, गृह विज्ञान, एलिमेंट ऑफ बिजनेस, एलिमेंट ऑफ बुक कीपिंग, लेखांकन और कंप्यूटर एप्लीकेशन शामिल हैं। दिव्यांग विद्यार्थी 22 निर्धारित कौशल विषयों में से अधिकतम दो विषय चुन सकते हैं लेकिन ऑटोमोटिव विषय इसमें शामिल नहीं होगा।

चार विषयों का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर होगा
दसवीं के चार विषयों का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर (आंतरिक मूल्यांकन) होगा। इन विषयों की अलग से बोर्ड परीक्षा नहीं होगी। आंतरिक मूल्यांकन वाले विषयों में तीसरी भाषा, कला शिक्षा, शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य और कौशल विकास शामिल है। कौशल विकास का आंतरिक मूल्यांकन तभी लागू होगा, जब विद्यार्थी इसे 23 वोकेशनल विषयों की सूची में से व्यावसायिक शिक्षा की अनिवार्य आवश्यकता पूरी करने के लिए चुनता है।
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