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Delhi NCR News: जियोस्टैक एप से एक क्लिक पर देखें 1.70 करोड़ भूमि का रिकॉर्ड
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अब जमीन से जुड़ी जानकारी के लिए लोगों को कार्यालयों के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (हरसेक) ने जियोस्टैक ईओडीबी एप विकसित किया है। इस डिजिटल मंच पर प्रदेश के 1.70 करोड़ से अधिक भूमि रिकॉर्ड और भौगोलिक जानकारी उपलब्ध होगी। इससे लोगों को जमीन से जुड़ी जानकारी के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
एप के माध्यम से जमीन मालिक और आम नागरिक एक क्लिक पर जमीन की पहचान देख सकेंगे। इसमें भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध रिकॉर्ड भी देखे जा सकेंगे। उपग्रह आंकड़ों, डिजिटल मानचित्रों और भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआइएस) तकनीक का उपयोग किया गया है। एप में हरियाणा के सभी 23 जिलों, 143 तहसीलों और 7103 गांवों की जानकारी एकीकृत है। जियोस्टैक एप में खसरा और भूमि के भूखंड की जानकारी खोजने की सुविधा है। हरसेक के निदेशक सुल्तान सिंह ने इसे नागरिक केंद्रित डिजिटल मंच बताया है।
पारदर्शिता और लाभ
यह पहल भूमि संबंधी बिखरे हुए आंकड़ों को एक डिजिटल मंच पर लाकर पारदर्शिता बढ़ाएगी। इससे सरकारी कामकाज अधिक तथ्य आधारित बनेगा और भूमि प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। एप में जीआइएस आधारित मापन की सुविधा भी है। इसके जरिये जमीन का क्षेत्रफल और दो स्थानों के बीच की दूरी मापी जा सकेगी। यह मंच किसानों, आम नागरिकों और उद्यमियों को जमीन की स्थिति का आकलन करने में मदद करेगा।
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वर्जन
इस पहल का उद्देश्य केवल जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि आम नागरिकों तक भूमि संबंधी भौगोलिक जानकारी की पहुंच आसान बनाना है। जियोस्टैक को नागरिक केंद्रित डिजिटल मंच के रूप में विकसित किया गया है। -डॉ. सुल्तान सिंह, निदेशक हरसेक
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (हरसेक) ने जियोस्टैक ईओडीबी एप विकसित किया है। इस डिजिटल मंच पर प्रदेश के 1.70 करोड़ से अधिक भूमि रिकॉर्ड और भौगोलिक जानकारी उपलब्ध होगी। इससे लोगों को जमीन से जुड़ी जानकारी के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
एप के माध्यम से जमीन मालिक और आम नागरिक एक क्लिक पर जमीन की पहचान देख सकेंगे। इसमें भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध रिकॉर्ड भी देखे जा सकेंगे। उपग्रह आंकड़ों, डिजिटल मानचित्रों और भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआइएस) तकनीक का उपयोग किया गया है। एप में हरियाणा के सभी 23 जिलों, 143 तहसीलों और 7103 गांवों की जानकारी एकीकृत है। जियोस्टैक एप में खसरा और भूमि के भूखंड की जानकारी खोजने की सुविधा है। हरसेक के निदेशक सुल्तान सिंह ने इसे नागरिक केंद्रित डिजिटल मंच बताया है।
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पारदर्शिता और लाभ
यह पहल भूमि संबंधी बिखरे हुए आंकड़ों को एक डिजिटल मंच पर लाकर पारदर्शिता बढ़ाएगी। इससे सरकारी कामकाज अधिक तथ्य आधारित बनेगा और भूमि प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। एप में जीआइएस आधारित मापन की सुविधा भी है। इसके जरिये जमीन का क्षेत्रफल और दो स्थानों के बीच की दूरी मापी जा सकेगी। यह मंच किसानों, आम नागरिकों और उद्यमियों को जमीन की स्थिति का आकलन करने में मदद करेगा।
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इस पहल का उद्देश्य केवल जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि आम नागरिकों तक भूमि संबंधी भौगोलिक जानकारी की पहुंच आसान बनाना है। जियोस्टैक को नागरिक केंद्रित डिजिटल मंच के रूप में विकसित किया गया है। -डॉ. सुल्तान सिंह, निदेशक हरसेक