टिल्लू हत्याकांड में नया खुलासा: जिस आठ-नौ नंबर जेल में टिल्लू की हुई हत्या, वहां एक महीने में मिले 53 हथियार
जेल में कैदी कूलर, ग्रिल व जंगले की पत्तियों का इस्तेमाल कर हथियार बनाते हैं। इसे एक तरफ से नुकीला बना दिया जाता है। दूसरी तरफ इस हथियार पर पकड़ बनाने के लिए ऊपरी हिस्से पर कपड़ा या बोरे का टुकड़ा लपेट दिया जाता है।
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तिहाड़ की जिस आठ और नौ नंबर जेल में टिल्लू की हत्या की गई है, उस जेल से एक महीने में 53 हथियार बरामद किए गए हैं। कैदियों ने जेल में अलग-अलग जगह से लोहा एकत्रित कर इन्हें घिसकर हथियार का रूप दिया था। तिहाड़ प्रशासन के ने बताया कि जेल में कैदी कूलर, ग्रिल व जंगले की पत्तियों का इस्तेमाल कर हथियार बनाते हैं। इसे एक तरफ से नुकीला बना दिया जाता है।
दूसरी तरफ इस हथियार पर पकड़ बनाने के लिए ऊपरी हिस्से पर कपड़ा या बोरे का टुकड़ा लपेट दिया जाता है, ताकि इस्तेमाल में पेरशानी न हो। पत्थरों के टुकड़े का इंतजाम जमीन पर बिछी टाइल्स या कामकाज के दौरान एकत्र मलबे के ढेर से किया जाता है। जो 53 हथियार बरामद हुए हैं, उनमें से 22 को धारदार बनाया जा चुका था। 32 हथियारों धार देने की प्रक्रिया चल रही थी।
टुंडा को तीन दिन के रिमांड पर लाई थी स्पेशल सेल
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल तिहाड़ में गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या करने वाले मुख्य आरोपी योगेश उर्फ टुंडा को पिछले सप्ताह तीन दिन की रिमांड पर लेकर आई थी। स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि गोगी गिरोह के सदस्यों की बढ़ती वारदात को देखते हुए मार्च में गोगी गिरोह के खिलाफ संगठित अपराध को बढ़ावा देने का पर्चा दर्ज किया गया था। इस मामले में गोगी गिरोह की कमान संभाल रहे दीपक बॉक्सर समेत छह से सात बदमाशों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इसी मामले में ही योगेश को रिमांड पर लाया गया था। मामले में बॉक्सर को विदेश भगाने वाले गोगी गिरोह पर कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा जितेंद्र गोगी गिरोह के बदमाशों के खिलाफ सेल की लोधी कॉलोनी स्थित यूनिट में मकोका का मामला दर्ज है। इस मामले में गिरोह के कई बदमाशों को गिरफ्तार किया जा चुका है।