जेल ब्रेक मामले में तिहाड़ जेल अधीक्षक निलंबित
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तिहाड़ जेल की दीवार फांदकर दो कैदियों के भागने की घटना के मामले में प्रथमदृष्टया दोषी पाते हुए दिल्ली सरकार ने जेल संख्या सात के अधीक्षक को निलंबित कर दिया है।
सरकार ने जेल-प्रशासन को यह भी निर्देश दिया गया है कि जब तक मामले की जांच चल रही है तब तक अधीक्षक बिना अनुमति के दिल्ली से बाहर न जा पाएं। वहीं जेल की व्यवस्था में सुधार के लिए गृह मंत्री ने जेल-प्रशासन से योजना बनाने के लिए भी कहा है।
दिल्ली सरकार ने जेल संख्या सात के अधीक्षक को यह कहते हुए निलंबित किया है कि अधीक्षक के ड्यूटी पर रहते निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। यही नहीं इस पूरे मामले में जेल अधीक्षक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं।
जांच में अधीक्षक पर हुई कार्रवाई
दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने तिहाड़-प्रशासन को निर्देश दिया है कि ऐसी योजना तैयार करें जिससे तिहाड़ की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना फिर न हो। व्यवस्था में सुधार के लिए तत्काल क्या कदम उठाये जाएं, इसकी भी जानकारी मांगी है।
तिहाड़ जेल संख्या सात से 27 जून को दो कैदी दीवार फांदकर फरार हो गए थे। फरार फैजान को उसी रात पकड़ लिया गया था जबकि दूसरे कैदी जावेद चार दिन बाद उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से पकड़ा गया था।
दो दिन तक पुलिस रिमांड पर रखने के बाद जावेद को दोबारा से तिहाड़ जेल संख्या सात में ही भेज दिया गया है। दोनों कैदियों पर अब सुरक्षाकर्मियों की कड़ी नजर है। पुलिस के अलावा दिल्ली सरकार के आदेश पर जेल ब्रेक की घटना की जांच पश्चिम जिले के जिला उपायुक्त बी.एस. जगलान भी कर रहे हैं।