कहीं आपने तो नहीं लिया एक्सिस बैंक से इस प्रकार पर्सनल लोन, पढ़िए, होश उड़ा देने वाला खुलासा
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ईएसआई के एक कर्मचारी को एक्सिस बैंक से पर्सनल लोन देना मुसीबत बन गया है। लोन अकाउंट के साथ-साथ कर्मचारी का बचत खाता भी खोल दिया और उसमें 50 लाख रुपये से अधिक रुपये डाले और फिर निकाल लिए गए।
जब इस बात की जानकारी पीड़ित को लगी तो उनके पैरों तले से जमीन ही खिसक गई। अभी पीड़ित ने एक्सिस बैंक के मैनेजर से शिकायत की है। मूलत: राजस्थान निवासी शांतिलाल धाकड़ ईएसआई अस्पताल में स्टाफ मेल नर्स के रूप में कार्यरत हैं।
वह नोएडा के चौड़ा गांव में रहते हैं और उन्होंने साल-2015 में पर्सनल लोन लिया था। कुछ दिन बाद उनके अकाउंट में गैस की सब्सिडी का मैसेज फोन पर तो आए लेकिन बैंक अकाउंट की कोई जानकारी नहीं आई तो उन्होंने अपने बैंक में जाकर जानकारी की तो पता चला कि सब्सिडी नहीं आ रही है।
धोखाधड़ी करने वाली की आयकर विभाग से होगी शिकायत
इस बात की जानकारी गैस कंपनी से ली और वहां से एक्सिस बैंक का अकाउंट नंबर दिया गया, जो सेक्टर-18 स्थित एक्सिस बैंक का था। वह सोमवार को बैंक अकाउंट की जानकारी करने के लिए एक्सिस बैंक गए और मैनेजर के समक्ष पूरी बात बताई।
मैनेजर ने उनके अकाउंट की जांच की तो देखा कि नाम और फोटो तो उनका ही है और आधार कार्ड भी उन्हीं का लगा हुआ है। मगर हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। इस अकाउंट को 18 मार्च 2015 को खोला गया था और उसके बाद 25 हजार नकद रकम डाली गई।
जबकि 31 मार्च 2016 को रेनबो इंटर प्राइजेज के नाम से करीब 50 लाख रुपये डाले गए थे। दो अप्रैल 2016 को 49 लाख 95 हजार रुपये निकाल लिए गए और शेष रुपये 15551 रुपये अंकिता के नाम से चेक द्वारा दिए गए थे।
इस बात की शिकायत उन्होंने बैंक मैनेजर से कर दी है। बैंक मैनेजर ने शांतिलाल धाकड़ को आश्वासन दिया है कि वह मामले की जांच कर रहे हैं और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई करेंगे। इसमें जिस व्यक्ति ने धोखाधड़ी करके रुपयों का लेन-देन किया है। उसके खिलाफ शिकायत आयकर विभाग से की जाएगी। हालांकि अभी पीड़ित ने पुलिस से शिकायत नहीं की है।