Delhi Building Collapse: रोहिणी में पांच मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढही, बाइक सवार की मौत; बचाव अभियान जारी
हादसे में सड़क से गुजर रहे बाइक सवार राम (38) की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि दो मजदूरों समेत तीन घायल हो गए। आशंका है कि चार से पांच अन्य लोग अभी भी मलबे में फंसे हो सकते हैं।
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#WATCH | Delhi: Shashank Jaiswal, DCP, Rohini, says, "We received information around 4:30 PM today that a building had collapsed. Upon receiving the news, the SHO, the rest of the staff, and I immediately rushed to the site. The SDM, the DM, NDRF personnel, and other officers… https://t.co/rUSp8QDfW0 pic.twitter.com/z4rcHse9oz
— ANI (@ANI) July 8, 2026
पुलिस के अनुसार हादसा शाम करीब 4.20 बजे रोहिणी सेक्टर-16 के जी-4 ब्लॉक स्थित प्लॉट नंबर-150 पर हुआ। तेज आवाज के साथ निर्माणाधीन इमारत भरभराकर गिर गई। एल-आकार के कॉर्नर प्लॉट पर बनी इमारत का मलबा जी-4 और जी-5 ब्लॉक के बीच 20 फुट चौड़ी सड़क पर फैल गया। सड़क किनारे खड़ी कई कारें इसकी चपेट में आ गईं। उसी दौरान वहां से गुजर रहे बाइक मैकेनिक राम भी मलबे में दब गए।
रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल ने बताया कि राम इलाके में बाइक मैकेनिक थे और हादसे के समय अपने दोस्त रवि के साथ सामान लेने जा रहे थे। रवि को भी चोटें आई हैं। मलबे से मोहम्मद सद्दाम नामक मजदूर को निकालकर अस्पताल भेजा गया है, जबकि घायल दूसरे मजदूर की पहचान की जा रही है। अन्य फंसे मजदूरों को निकालने का प्रयास जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इमारत गिरते ही आसपास के लोग तुरंत घरों से बाहर निकले और बचाव कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने सबसे पहले मलबे में दबे दो लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद बाइक सवार राम को भी बाहर निकालकर पुलिस की पीसीआर के माध्यम से डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल पहुंचाया गया। देर शाम एक अन्य मजदूर को भी सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेजा गया। घायलों का उपचार जारी है।
सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल की छह गाड़ियां, एंबुलेंस, एनडीआरएफ, डीडीएमए और अन्य एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी से मलबा हटाया गया, जबकि एनडीआरएफ और दमकल कर्मियों ने कंक्रीट के स्लैब काटकर भीतर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया। बचाव अभियान के दौरान मलबे के भीतर से आवाजें सुनाई देने के बाद रेस्क्यू अभियान और तेज कर दिया गया।
पूरे इलाके की घेराबंदी...आसपास की कुछ इमारतों को खाली कराया
एहतियात के तौर पर पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। आसपास की कुछ इमारतों को भी खाली कराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि राहत अभियान पूरा होने के बाद इमारत गिरने के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। प्रारंभिक जांच में निर्माणाधीन भवन की स्थिति और लगातार हुई बारिश को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
26-26 गज के दो प्लॉटों को मिलाकर खड़ी कर दी पांच मंजिला इमारत
निर्माणाधीन इमारत 26-26 गज के दो प्लॉटों को मिलाकर कुल 52 गज क्षेत्र में बनाई जा रही थी। ग्राउंड फ्लोर के ऊपर चार मंजिलों का ढांचा तैयार हो चुका था। सभी मंजिलों की छत डाली जा चुकी थी और बाहर बल्लियां लगाकर प्लास्टर व फिनिशिंग का काम चल रहा था। हादसे के समय निर्माण कार्य अंतिम चरण में था।
मलबे से आती आवाजों ने बढ़ाई बचाव दल की उम्मीद
रेस्क्यू अभियान के दौरान मलबे के भीतर से लोगों की आवाजें सुनाई देने पर एनडीआरएफ और दमकल कर्मियों ने अभियान तेज कर दिया। कंक्रीट के स्लैब कटर से काटकर भीतर तक पहुंचने का प्रयास किया गया। जेसीबी की मदद से भी सावधानीपूर्वक मलबा हटाया गया ताकि अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
बारिश के कारण कम थे मजदूर, बड़ा हादसा बचा
स्थानीय लोगों के अनुसार मंगलवार से लगातार हो रही बारिश के कारण बुधवार को साइट पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम मजदूर काम कर रहे थे। यदि पूरी संख्या में मजदूर मौजूद होते तो जनहानि कहीं अधिक हो सकती थी।
बारिश और निर्माण की गुणवत्ता दोनों की होगी जांच
रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल ने बताया कि इमारत गिरने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में निर्माणाधीन भवन की स्थिति और लगातार हुई बारिश को भी शामिल किया गया है। राहत अभियान पूरा होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।