{"_id":"5f3c717dd334471cef2ae128","slug":"three-people-arrested-for-defrauding-15-thousand-parents-in-the-name-of-pm-shishu-vikas-yojana","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएम शिशु विकास योजना के नाम पर 15 हजार अभिभावकों से ठगी, साइबर क्राइम यूनिट ने तीन को किया गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएम शिशु विकास योजना के नाम पर 15 हजार अभिभावकों से ठगी, साइबर क्राइम यूनिट ने तीन को किया गिरफ्तार
Wed, 19 Aug 2020 05:55 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 19 Aug 2020 05:55 AM IST
विज्ञापन
पकड़े गए तीनों आरोपी
- फोटो : amar ujala
प्रधानमंत्री शिशु विकास योजना के नाम पर देशभर के 15 हजार से अधिक अभिभावकों के साथ ठगी करने वाले दो अलग-अलग मॉड्यूल का साइबर क्राइम यूनिट ने भांडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस संबंध में बिहार और यूपी के अयोध्या से तीन मास्टर माइंड बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान नीरज पांडय (32), आदर्श यादव (28) और सुरेंद्र यादव (30) के रूप में हुई है।
विज्ञापन
आरोपियों ने www.pmsvy-cloud.in के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाई हुई थी। आरोपी देशभर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को योजना के नाम पर हेल्थ इंश्योरेंस और आर्थिक मदद का झांसा देते थे। आरोपियों ने देशभर के राज्यों, जिला, तहसील और गांवों तक में अपना नेटवर्क बनाया हुआ है। ठगी की रकम का 40 फीसदी हिस्सा राज्य, तहसील व गांवों में बैठे एजेंट के पास जाता था जबकि बाकी 60 फीसदी आरोपियों के खाते में चला जाता था। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
साइबर क्राइम यूनिट के पुलिस उपायुक्त अनेश रॉय ने बताया कि पिछले दिनों नेशनल हेल्थ अथार्रिटी के निदेशक ने दिल्ली पुलिस से प्रधानमंत्री शिशु विकास योजना के नाम पर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में निदेशक ने बताया था कि आरोपियों ने www.pmsvy-cloud.in के नाम से फर्जी वेबसाइट भी बनाई हुई है।
विज्ञापन
शिकायत लेने के बाद साइबर क्राइम यूनिट ने मामले की छानबीन की। टेक्नीकल सर्विलांस के आधार पर एसआई मनजीत की टीम ने नीरज यादव को पटना बिहार और आदर्श यादव को अयोध्या यूपी से दबोच लिया। दोनों को पुलिस रिमांड पर लेकर जब इनसे पूछताछ की गई तो दोनों ने बताया कि इनका तीसरा साथी जो पहले इनके साथ ही काम करता था अब पटना में इसी नाम से वेबसाइट बनाकर ठगी कर रहा है। पुलिस की एक टीम ने आरोपी सुरेंद्र यादव को पटना से दबोच लिया।
इनके पास से पुलिस ने सात मोबाइल, तीन लैपटॉप, दो सीपीयू, आईकार्ड, रजिस्टर व अन्य सामान बरामद किया। आरोपियों के कंप्यूटर से 15 हजार से अधिक अभिभावकों का डाटा मिला। आरोपियों ने बताया कि इन लोगों ने योजना के नाम पर पूरे देश में अपना नेटवर्क फैलाया हुआ है। योजना के नाम पर अभिभावकों से 250 रुपये रजिस्ट्रेशन के लिए जाते थे। आरोपी सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को ही निशाना बनाते थे। फिलहाल गैंग बच्चों के डाटा के आधार पर देशभर के निजी अस्पतालों से कमिशन लेने की भी तैयारी कर रहा था। इसके अलावा पहले से रजिस्टर अभिभावकों से दूसरी योजनाओं का लालच देकर और ठगी की तैयारी चल रही थी।
पिछले करीब सात माह से चल रहा था गोरखधंधा...
साइबर सेल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस साल के जनवरी से तीनों आरोपी ठगी का धंधा कर रहे थे। इन लोगों को अच्छी तरह पता था कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को इस तरह की फर्जी योजना का लालच देकर आसानी से ठगा जा सकता है। देशभर में अपना नेटवर्क चलाने के लिए आरोपियों ने दस लोगों/कंपनी की नियुक्ति की हुई थी। हर एक के पास दो-दो, तीन-तीन या चार राज्य थे। राज्य के प्रमुख, जिला प्रमुख की नियुक्ति करते थे। यह जिला प्रमुख ग्राम पंचायत या तहसील में अपने एजेंट नियुक्त करते थे। इसके बाद अभिभावकों से संपर्क कर उनसे रजिस्ट्रेशन के नाम पर 250 रुपये लिये जाते थे। 150 रुयये मास्टर माइंड तीनों के होते थे। वहीं 50-50 रुपये राज्य प्रमुख और जिला प्रमुख व अन्य लोगों के होते थे।
पकड़ा गया एक आरोपी एमबीए...
साइबर क्राइम यूनिट के हत्थे चढ़ा आरोपी आदर्श यादव एमबीए किए हुए है।वह मूलरूप से यूपी के अयोध्या का रहने वाला है। वहीं दूसरा आरोपी नीरज पांडेय बिहार के पटना का रहने वाला है। उसने भी बीसीए किया हुआ है। पटना का ही रहने वाला तीसरा आरोपी सुरेंद्र यादव ग्रेजुएट है। इस साल की शुरूआत से आरोपियों ने फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी शुरू की। बीच में सुरेंद्र की बाकी दोनों से खटपट हुई तो वह बिहार जाकर खुद ही ठगी का धंधा करने लगा। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर इनके बाकी साथियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।