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दिल्ली में बच्चों के मरने का सिलसिला जारी, डिप्थीरिया से 3 और की मौत, आंकड़ा 24 पहुंचा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 29 Sep 2018 05:50 AM IST
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महार्षि बाल्मिकी अस्पताल
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महर्षि वाल्मीकि संक्रामक रोग अस्पताल में डिप्थीरिया यानी गलघोंटू से होने वाली मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अस्पताल में शुक्रवार को भी तीन बच्चों की मौत हो गई जबकि बृहस्पतिवार को भी एक बच्चे ने दम तोड़ दिया था। छह सितंबर से अब तक 24 बच्चे इस बीमारी का शिकार हो चुके हैं।
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अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार को खुर्जा निवासी शना नाम की एक बच्ची की मौत हुई थी जबकि शुक्रवार को दिल्ली निवासी एक बच्चे व दो पश्चिमी यूपी के बच्चें ने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि पहले आए 250 एंटी डिप्थीरिया सीरम के अलावा बृहस्पतिवार को 200 और सीरम अस्पताल पहुंच चुके हैं। यह सीरम कसौली के बजाए हैदराबाद से मंगाया गया है जबकि अभी 800 सीरम और आने बाकी हैं। हालांकि अस्पताल या नगर निगम ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
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अस्पताल में बच्चों की मौतों के पीछे सीरम की कमी और ऑपरेशन थिएटर के बंद होने को जिम्मेदार माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि ओटी बंद होने की वजह से ट्रीकोस्टमी (गले में ऑक्सीजन पाइप लगाना) तक नहीं हो पाती है। इसके लिए मरीजों को दूसरे अस्पताल भेजना पड़ता है। वहीं एनेस्थेटीस्ट की कमी से छोटे-छोटे ऑपरेशन नहीं हो पाते जबकि अस्पताल के बगल के अस्पताल आरबीटीबी में ऐनेस्थेटीस्ट हैं। इस अस्पताल से बच्चों के मौत के मामले सामने आने के बाद नर्सों को भी आईडी अस्पताल में भेजा गया था, लेकिन एनेस्थेटीस्ट की कमी का अभी तक समाधान नहीं किया गया है।
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