फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   three hospitals gave different information To patient about disease

राजधानी दिल्ली के तीन बड़े अस्पतालों में इलाज, मरीज को बताईं अलग-अलग बीमारी

Mon, 20 Aug 2018 12:05 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 20 Aug 2018 12:05 AM IST
विज्ञापन
three hospitals gave different information To patient about disease
फाइल फोटो
इसे चिकित्सीय विडंबना कहें या डॉक्टरों की लापरवाही एक बच्ची को दिल्ली के तीन बड़े अस्पतालों में जांच के दौरान डॉक्टरों ने अलग-अलग बीमारियां बताई। 
विज्ञापन


सबसे बड़ी बात यह है कि संबंधित अस्पतालों में बच्ची का कुछ दिन इलाज भी चला, लेकिन राहत नहीं मिली तो उसे एम्स ले जाया गया, जहां टीबी की बीमारी की पुष्टि हुई।

दरअसल, मामला दिल्ली के ही निवासी सुनील कुमार की आठ वर्षीय बच्ची भक्ति का है। सुनील बताते हैं कि एक माह पहले भक्ति को पेट में दर्द की शिकायत हुई। मालवीय नगर स्थित पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल में उसे लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने पेट में पथरी की पुष्टि की। 
विज्ञापन


इलाज भी कुछ दिन चला लेकिन आराम नहीं मिला। इसके बाद सुनील भक्ति को लेकर सफदरजंग अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने अपेंडीक्स की शिकायत बताकर इलाज शुरू कर दिया लेकिन यहां की दवा से भी भक्ति को आराम नहीं हुआ। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद परेशान परिजन उसे लेकर एम्स पहुंचे। यहां आकर सुनील की मुश्किल और बढ़ गई क्योंकि एम्स के डॉक्टरों ने भक्ति को आंतों की टीबी की बीमारी बताई। अस्पतालों के तीन अलग-अलग डायग्नोसिस ने सुनील के होश उड़ा दिए। 

अब मुसीबत यह थी कि किसकी रिपोर्ट को सही माने और किसका इलाज कराएं। उन्होंने एम्स की रिपोर्ट पर भरोसा जताते इलाज शुरू कराया। लेकिन बेड उपलब्ध नहीं होने की वजह से डॉक्टरों ने उन्हें आरएमएल अस्पताल रेफर कर दिया। 

गनीमत रही कि आरएमएल में केवल 12 घंटे गुजारने के बाद उन्हें एम्स में बेड मिल गया। फिलहाल भक्ति एम्स में दाखिल है और उसका आंतों की टीबी का इलाज चल रहा है। इसके बाद से उसके दर्द में भी काफी कमी आई है। 

सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र शर्मा का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है, इसलिए वह इस पर ज्यादा प्रतिक्रिया तो नहीं दे सकते, लेकिन किसी के भी पेट दर्द के ये तीनों कारण हो सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed