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Delhi: तुगलकाबाद में बड़ा हादसा, बारिश के पानी में नहाने गए तीन किशोर डूबे, हुई मौत
Thu, 13 Oct 2022 08:02 PM IST
अनुराग सक्सेना
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Thu, 13 Oct 2022 08:02 PM IST
सार
घटना स्थल पर मौजूद नीरज कुमार ने बताया कि वह प्रहलादपुर इलाके में रहता है। दोपहर के समय वह अपने छोटे भाई महेंद्र कुमार के साथ पार्क में बैठा हुआ था। अचानक एक किशोर उसके पास रोता हुआ आया। वह हांफते हुए कह रहा था अंकल जल्दी चलिए हमारे दोस्त पानी में डूब रहे हैं।
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किशोरों को बचाने के लिए प्रयास करते गोताखोर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दक्षिण-पूर्व दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में बृहस्पतिवार दोपहर एक हादसे में तीन किशोरों की बारिश के पानी में डूबने से मौत हो गई। मृतकों की शिनाख्त ऋषभ (16), छोटा पीयूष (13) और बड़ा पीयूष (16) के रूप में हुई है। हादसे के समय तीनों ही किशोर अपने दोस्तों के साथ बारिश के पानी में नहाने के लिए तुगलकाबाद स्थित काया-माया पार्क आए थे।
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अचानक गहरे पानी में जाने से एक किशोर डूबने लगा तो उसे बचाने गए बाकी दोनों किशोर भी डूब गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस, दमकल विभाग और बोट क्लब के गोताखोर वहां पहुंचे करीब आधे घंटे बाद तीनों किशोरों को पानी से निकालकर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनको मृत घोषित कर दिया गया। पुल प्रहलादपुर थाना पुलिस ने तीनों के शवों को कब्जे में लेकर एम्स मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। पुलिस की टीम तीनों लड़कों के दोस्तों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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दक्षिण-पूर्व जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीनों ही लड़के अपने परिवारों के साथ खानपुर इलाके में रहते थे। बृहस्पतिवार दोपहर को करीब सात-आठ लड़कों का समूह काया-माया पार्क तुगलकाबाद पहुंचा था। पार्क के बीचों-बीच नेचुरल (स्वाभाविक) गड्ढा बना हुआ है। बारिश होने के बाद यहां करीब चार-साढ़े चार फुट गड्ढा बन जाता है। बारिश होने के बाद कुछ दिनों तक पानी यहां भरा रहता है। इसमें आसपास की कॉलोनियों के बच्चे नहाने आते हैं। बृहस्पतिवार को भी ऐसा ही हुआ।
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उन्होंने बताया कि आठ लड़के यहां नहा रहे थे। अचानक छोटा पीयूष गहरे पानी में डूबने लगा। ऋषभ और बड़ा पीयूष उसे बचाने गए तो वह भी डूबने लगे। सभी बच्चों ने शोर मचा दिया। जब तक लोग मदद को आते, तब तक तीनों ही लड़के पानी में डूब चुके थे। करीब 2.38 बजे लक्की उर्फ लव (16) नामक किशोर ने मामले की सूचना पुलिस को दी। फौरन बचाव दल वहां पहुंच गया। पुलिस व दमकल विभाग के मौके पर पहुंचने के अलावा बोट क्लब के गोताखोर भी वहां पर पहुंच गए। करीब 30 मिनट बाद तीनों लड़कों के शवों को पानी से निकाला गया।
तीनों को तुरंत पास के मजीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उनको मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही घटना स्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। परिजन भी वहां पहुंच गए। 11वीं कक्षा का छात्र ऋषभ परिवार के खानपुर जेजे कालोनी में रहता था। इसके परिवार में पिता आजाद, मां व अन्य सदस्य हैं। वहीं छोटा पीयूष पास के सरकारी स्कूल में आठवीं कक्षा का छात्र था। इसके परिवार में पिता अमित कुमार, मां व अन्य सदस्य हैं। बड़ा पीयूष परिवार के साथ जवाहर पार्क, खानपुर में रहता था। इसके परिवार में पिता निजे सिंह बिसवाल हैं। हादसे के बाद इनके परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है। शुक्रवार को तीनों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
चीखने की आवाज सुनकर दो भाई पहुंचे थे मदद को, लेकिन तब तक हो चुकी थी देर...
घटना स्थल पर मौजूद नीरज कुमार ने बताया कि वह प्रहलादपुर इलाके में रहता है। दोपहर के समय वह अपने छोटे भाई महेंद्र कुमार के साथ पार्क में बैठा हुआ था। अचानक एक किशोर उसके पास रोता हुआ आया। वह हांफते हुए कह रहा था अंकल जल्दी चलिए हमारे दोस्त पानी में डूब रहे हैं। नीरज व महेंद्र बिना देर किए हुए गड्ढे की ओर भागे। वहां पहुंचकर देखा तो पानी शांत हो चुका था। तीनों ही लड़के पानी में समा गए थे। चूंकि नीरज को तैरना आता था, इसलिए उसने पानी में जाकर तीनों की तलाश करने की कोशिश की लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली। इस बीच बचाव दल भी वहां पहुंच गए। बाद में तीनों लड़कों के शव पानी से निकाल गए। दोनों भाइयों को मलाल था कि वह चाहकर भी लड़कों को बचा नहीं पाए।
स्थानीय लोगों की जुटी भीड़, कहा- हर साल होती है यहां छठ पूजा
हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। लोगों का कहना था कि पिछले कुछ सालों काया-माया पार्क में छठ पूजा का आयोजन होता है। हालांकि यहां गड्ढा नेचुरल ही बना है, लेकिन प्रशासन को इसे देखना चाहिए था। पूरी बरसात पानी भरने के बाद बच्चे यहां नहाने आते थे। किसी हादसे की आशंका बनी हुई थी। बृहस्पतिवार को ऐसा ही हुआ।