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सीबीआई अफसर बन सम्मोहित करके ठगने वाले तीन गिरफ्तार, एनसीआर में कर चुके 100 से ज्यादा वारदात
Sun, 21 Jun 2020 06:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 21 Jun 2020 06:38 AM IST
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आरोपी का नकली आई कार्ड...
- फोटो : अमर उजाला
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मैदानगढ़ी थाना पुलिस ने सीबीआई या पुलिस अफसर बन सम्मोहित कर ठगी व लूटपाट करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत पूरे एनसीआर में 100 से ज्यादा वारदात कर चुके हैं।
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आरोपी ऐशोआराम की जिंदगी जीने के लिए वारदात करते थे और गुरुग्राम के लग्जरी होटलों में रुकते थे। पूछताछ के दौरान मैदानगढ़ी थाने के पुलिसकर्मी भी डर गए थे कि कहीं उन्हें सम्मोहित न कर दें। इनका वारदात करने का तरीका भी बहुत ही अनोखा है।
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दक्षिण जिला डीसीपी अतुल ठाकुर के अनुसार छतरपुर निवासी एक व्यक्ति ने 27 मई को शिकायत दी थी कि उसकी 70 वर्षीय मां घर पर अकेली थी। तभी उसका व उसकी पत्नी का नाम लेकर एक युवक घर में घुसा। आरोपी ने उसकी मां से कहा कि उनके घर में पुलिस दबिश देने आ रही है। घर की सारी ज्वेलरी व कैश वह बैग में रख दे। आरोपी ने उसकी मां को सम्मोहित कर दिया और घर से करीब पांच लाख रुपये की ज्वेलरी व नकदी लेकर फरार हो गया।
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मामला दर्जकर महरौली एसीपी रणवीर सिंह की देखरेख में मैदानगढ़ी थानाध्यक्ष जतन सिंह, भाटी माइंस चौकी प्रभारी उमेश यादव, पीएसआई रवि राणा व एसआई गजेन्द्र सिंह की टीम ने जांच शुरू की।
जांच में पता लगा कि आरोपी दो जून को राजपुर खुर्द गांव में एक महिला के घर गए और उससे कहा कि उसके पति को महरौली पुलिस ने पकड़ लिया है। वह महिला को महरौली थाने ले गया। महिला को महरौली थाने में छोड़कर वापस महिला के घर आ गया। घर बच्चों को सम्मोहित कर करीब पांच लाख रुपये नकदी व ज्वेलरी ले गया।
आंखों से सम्मोहित करते थे
=आरोपी पड़ोसी में पूछताछ कर एक घर को टारगेट करते थे। ये टारगेट किए हुए घर के सदस्यों की पूरी डिटेल जुटा लेते थे। जब घर का सदस्य बाहर चला जाता तो ये घर में घुसते थे। घर में घुसते ही ये घर के मालिक का नाम लेते थे। फिर ये परिवार के सदस्यों को कोई न कोई बहाना बनाकर फंसा देते थे। आरोपी आंखों में आंख डालकर सम्मोहित करते थे।