फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Thousands of documents were fake postal recruitment

फर्जी दस्तावेजों से डाक विभाग में हुईं हजारों भर्तियां

Sun, 27 Apr 2014 01:05 AM IST
डीपी आर्य/अमर उजाला, गाजियाबाद
डीपी आर्य/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Sun, 27 Apr 2014 01:05 AM IST
विज्ञापन
Thousands of documents were fake postal recruitment

फर्जी दस्तावेजों के जरिए डाक विभाग में हजारों लोगों ने नौकरियां हासिल की थीं। दस्तावेजों की जांच से भर्ती घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। अब तक की जांच से साफ होने लगा है कि फर्जीवाड़ा अधिकारियों की मदद से किया गया।

विज्ञापन


फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी पाए लोग अभी विभाग में कार्यरत हैं। जिन 250 युवाओं के फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी पाने का खुलासा हुआ है उन्हें प्रमाण पत्र जारी करने वाले पांच फर्जी विद्यालयों और बोर्ड का नाम पता चला गया है।
विज्ञापन


भर्तियों में हुए इस गोलमाल के तार इलाहाबाद से जुड़ रहे हैं। मामला खुलने से डाक विभाग में हड़कंप मचा है। एसएसपी डाक ने मुकदमा दर्ज करने के लिए एसएसपी को पत्र भेजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह है मामला
डाक विभाग में मेरिट के आधार पर होने वाली भर्तियों में विभागीय अफसरों की मिली भगत से जमकर खेल हुआ। चार-पांच लाख रुपये लेकर भर्तियां की गईं। नौकरी के लिए हाई मेरिट दिखाने को फर्जी कागजात लगाए गए।

पिछले सप्ताह 250 युवाओं के इंद्रप्रस्थ हाईस्कूल खोड़ा गाजियाबाद के डाक्यूमेंट दाखिल करने का खुलासा हुआ था। इन सभी ने बोर्ड आफ हायर सेकेंडरी एजूकेशन दिल्ली से मार्कशीट-सनद हासिल की थी। जांच में यह विद्यालय और बोर्ड फर्जी पाए गए।

डाक विभाग की लखनऊ में बैठक
एसएसपी डाक गोविंद सिंह सिंह की सोमवार को चीफ पीएमजी के साथ बैठक होगी। इसमें अभी तक की जांच रिपोर्ट को उनके सामने रखा जाएगा। इसके बाद आरोपियों को तलाशने का काम शुरू होगा।


एसएसपी डाक ने रिपोर्ट दर्ज कराने को पत्र भेजा
एसएसपी डाक गोविंद सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। इसमें फर्जी स्कूलों, बोर्ड, नौकरी पाने वालों और नौकरी लगवाने में शामिल डाक विभाग के कर्मचारियों तथा अधिकारियों के नामों का उल्लेख किया गया है।

शुरुआती जांच में करीब 38 जिलों में ऐसे कागजात पर पांच हजार से ज्यादा युवाओं के नौकरी पाने की जानकारी अफसरों को मिली है।

शुरुआती जांच में ही हाल-बेहाल
भर्ती घोटाले की जांच शुरू होते ही यह मामला गंभीर हो गया है। इसमें अभी तक पांच फर्जी स्कूल और बोर्ड के नाम सामने आए हैं।

फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर नौकरी दिलाने तक का काम गिरोह के सदस्यों ने किया। इसका केंद्र गाजियाबाद रहा और नौकरियां प्रदेश भर में दी गईं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed