फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   This year Janmashtami being celebrated in a simple ceremony in the temple without devotees due to pandemic

कोरोना के कारागार में कन्हैया का जन्म: भक्तों से सूने मंदिर में सादे समारोह में मनाई जा रही जन्माष्टमी

Mon, 30 Aug 2021 05:59 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 30 Aug 2021 05:59 PM IST
सार

बिड़ला मंदिर में भी हर साल बेहद भव्य तरीके से जन्माष्टमी मनाई जाती थी और बहुत दूर-दूर से भक्त कृष्ण जन्मोत्सव की झांकी देखने मंदिर आया करते थे। इसमें विदेशी भक्त भी शामिल होते थे। लेकिन इस साल कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार बेहद सीमित रखा गया है...

विज्ञापन
This year Janmashtami being celebrated in a simple ceremony in the temple without devotees due to pandemic
जन्माष्टमी - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए मंदिरों में भक्तों के प्रवेश की अनुमति नहीं मिली है। लिहाजा भगवान कृष्ण का जन्मदिन जन्माष्टमी बेहद सादगी भरे माहौल में मनाया जा रहा है। ज्यादातर मंदिरों में इस बार सजावट भी बहुत कम है तो कुछ मंदिरों में हुई है, लेकिन इसके बाद भी भक्तों की बेहद सीमित संख्या के साथ जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है।

विज्ञापन


राजधानी में इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी की छटा देखते ही बनती है। मंदिर के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ब्रजेंद्रनंदन दास ने अमर उजाला को बताया कि इस साल भी इस्कॉन मंदिर को पूरी तरह सजाया गया है। सजावट में कोई कमी नहीं की गई है, लेकिन बेहद सीमित संख्या में आमंत्रित विशेष अतिथियों की उपस्थिति में ही कृष्णजन्मोत्सव मनाया जा रहा है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल इस्कॉन मंदिर पहुंचे और भगवान कृष्ण का आशीर्वाद लिया।
विज्ञापन


झंडेवालान मंदिर के प्रशासक रविंदर गोयल ने कहा कि कृष्ण जन्मोत्सव की तैयारी बेहद सामान्य स्तर की रखी गई है। मंदिर में भगवान के लिए विशेष झूला बनाया गया है और मंदिर में सजावट की गई है। लेकिन जन्मोत्सव का कार्यक्रम केवल पुजारी और मंदिर के सीमित लोगों की उपस्थिति में ही मनाया जा रहा है। पूजा के बाद प्रसाद वितरण का कार्यक्रम भी बेहद सीमित रखा गया है। भक्तों से कृष्ण जन्मोत्सव पर मंदिर न आने का अनुरोध किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिड़ला मंदिर में भी हर साल बेहद भव्य तरीके से जन्माष्टमी मनाई जाती थी और बहुत दूर-दूर से भक्त कृष्ण जन्मोत्सव की झांकी देखने मंदिर आया करते थे। इसमें विदेशी भक्त भी शामिल होते थे। लेकिन इस साल कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार बेहद सीमित रखा गया है। केवल मंदिर के पुजारियों, पदाधिकारियों और बेहद सीमित संख्या में लोगों की उपस्थिति में कार्यक्रम मनाया जा रहा है।


बड़े मंदिरों में भक्तों के प्रवेश पर पूरी तरह मनाही है। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। लिहाजा भक्त मंदिर से दूर हैं, लेकिन राजधानी के छोटे-छोटे मंदिरों में अपेक्षाकृत धूमधाम दिखाई पड़ रही है। हालांकि, यहां भी कोरोना को लेकर आयोजकों ने सावधानी रखी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed